नई दिल्ली

‘नमामि भारतम्’: वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष पर देशभर में गूंजेगा राष्ट्रस्वर, 25 सितम्बर को 25,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक लोग गाएंगे वन्दे मातरम्

डेस्क: भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा के अमर गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में देशव्यापी सामूहिक गायन कार्यक्रम ‘नमामि भारतम्’ का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन के अंतर्गत 25 सितम्बर 2026, शुक्रवार को प्रातः 11 बजे देश के 25,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक तथा समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिक एक समय, एक स्वर और एक लय में सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामूहिक गायन तक सीमित न होकर नई पीढ़ी को ‘वन्दे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके राष्ट्रीय महत्व और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणादायी विरासत से जोड़ना है।

एक स्वर – एक संकल्प – एक भारत
‘नमामि भारतम्’ के माध्यम से देश के विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक सहभागिता के केंद्रों को एक सूत्र में जोड़ते हुए राष्ट्रभाव, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक एकात्मता और राष्ट्रीय चेतना को अभिव्यक्त किया जाएगा। विद्या भारती से जुड़े विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों के कार्यक्रमों में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय समाज के नागरिक भी सहभागी होंगे। विभिन्न स्थानों पर सामूहिक गायन के साथ वन्दे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित परिचर्चा, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा विद्यार्थियों की सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

संविधान सभा और राष्ट्रीय गीत के रूप में सम्मान
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद ‘वन्दे मातरम्’ को राष्ट्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक चेतना में विशिष्ट स्थान प्रदान किया गया। संविधान सभा में इसके सम्मान और राष्ट्रीय महत्व को स्वीकार किया गया तथा इसे राष्ट्रीय गीत का गौरव प्राप्त हुआ। आज ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय गान और ‘वन्दे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत के रूप में भारत की राष्ट्रीय पहचान के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। यद्यपि इसके 2 छंद ही स्वीकार किए गए थे, परन्तु इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्ण वन्दे मातरम् (6 छंद) को अपनाया गया है।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगा स्वतंत्रता संग्राम का संदेश
‘नमामि भारतम्’ का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि आज का विद्यार्थी ‘वन्दे मातरम्’ को केवल एक गीत के रूप में न जाने, बल्कि उसके पीछे निहित स्वतंत्रता, आत्मसम्मान, मातृभूमि-प्रेम, त्याग, एकता और राष्ट्रीय चेतना के इतिहास को भी समझे। विद्यालयों में इस अवसर पर विद्यार्थियों को ‘वन्दे मातरम्’ की रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय गीत के रूप में उसके महत्व से परिचित कराया जाएगा। इससे इतिहास के अध्ययन को वर्तमान पीढ़ी की राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
देश की विविधता में एकता का विराट दृश्य
25 सितम्बर को निर्धारित समय पर जब देश के हजारों विद्यालयों एवं संस्थानों में एक साथ ‘वन्दे मातरम्’ का स्वर गूंजेगा, तब यह आयोजन भारत की भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के बीच विद्यमान एकात्मता का व्यापक प्रतीक बनेगा। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक और नागरिक अपनी-अपनी स्थानीय परिस्थितियों में सहभागी होते हुए एक ही समय पर एक ही राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन करेंगे। यह दृश्य इस विचार को अभिव्यक्त करेगा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक एकात्मता में भी निहित है।
‘नमामि भारतम्’ का संदेश
‘नमामि भारतम्’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का राष्ट्रव्यापी जन-सहभागिता अभियान है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमा का नाम नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, परंपरा, त्याग, संघर्ष और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक चेतना से निर्मित एक जीवंत भाव है। 25 सितम्बर 2026 को प्रातः 11 बजे देश के 25,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक कंठों से जब एक साथ गूंजेगा- “वन्दे मातरम्”…. तो यह केवल एक गीत का सामूहिक गायन नहीं होगा, बल्कि 150 वर्षों की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता-संघर्ष की स्मृति और भारत की सांस्कृतिक एकात्मता को नमन करने हेतु विद्या भारती का यह विनम्र प्रयास होगा। विद्या भारती पंजाब द्वार यह कार्यक्रम 150 स्थानों पर होगा |
“रिकॉर्ड प्रमाणित करने वाली दो प्रमुख संस्थाओं—एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स—ने ‘नमामि भारतम्’ के अंतर्गत सर्वाधिक विद्यार्थियों एवं जनसमुदाय द्वारा एक साथ, एक स्वर में किए गए ‘वंदे मातरम्’ गायन को प्रमाणीकरण हेतु सूचीबद्ध किया है। दोनों संस्थाओं ने इस उपलब्धि पर विद्या भारती के विद्यालयों को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *