डेस्क: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां आरटीसी कॉम्प्लेक्स के पास सेंट्रल पार्क के मुख्य गेट के सामने एक पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में फटे हुए नोटों के टुकड़े पड़े मिले. सुबह टहलने निकले लोगों ने जब नोटों का यह ढेर देखा तो वे हैरान रह गए. एक ही जगह पर 500, 100, 50, 20 और 10 रुपये के नोटों के टुकड़े मिलने से तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगीं. लोगों को शक हुआ कि कहीं किसी ने जानबूझकर नोट तो नहीं फेंके या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक मामला तो नहीं है.
स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी. देखते ही देखते नोटों के टुकड़ों का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं. मामले की सूचना मिलने के बाद विशाखापट्टनम टू टाउन क्राइम पुलिस मौके पर पहुंची और वहां पड़े फटे नोटों के टुकड़ों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.
पुलिस को घटनास्थल से सिर्फ फटे हुए नोट ही नहीं मिले, बल्कि एक पैन कार्ड और एलआईसी की कुछ रसीदें भी बरामद हुईं. कुछ नोटों के नंबर भी स्पष्ट दिखाई दे रहे थे. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. साथ ही मौके से मिले पैन कार्ड के आधार पर उसके मालिक की पहचान करने की कोशिश की गई. जांच के दौरान पुलिस को ताड़िवीधि इलाके के रहने वाले सूर्यराव के बारे में जानकारी मिली. पुलिस ने उसे थाने बुलाकर पूछताछ की. पूछताछ में सामने आई कहानी ने पूरे मामले का रहस्य खोल दिया.
सूर्यराव किराना दुकानों में सामान सप्लाई करने का काम करता है. उसने अपनी कमाई में से कुछ पैसे घर में संभालकर रखे थे. हालांकि, पैसे रखने के दौरान उसने पर्याप्त सावधानी नहीं बरती. कुछ समय बाद इन नोटों में दीमक लग गई और धीरे-धीरे नोट बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टुकड़ों में बदल गए. सूर्यराव को जब इसका पता चला तो वह घबरा गया. उसे डर था कि अगर परिवार के लोगों को पैसों के बर्बाद होने की जानकारी मिली तो वे उसे डांटेंगे. इसी डर के चलते उसने मंगलवार देर रात फटे हुए नोटों को एक कवर में भरकर चुपचाप सेंट्रल पार्क के पास पेड़ के नीचे फेंक दिया.
सूर्यराव ने पुलिस को बताया कि कवर फेंकते समय उसे यह ध्यान नहीं रहा कि उसके साथ उसका पैन कार्ड और एलआईसी की रसीदें भी वहीं गिर गई हैं. यही दस्तावेज पुलिस के लिए मामले की सबसे अहम कड़ी साबित हुए. सूर्यराव के मुताबिक, दीमक से खराब हुए नोटों की कुल कीमत करीब 3 हजार रुपये थी. पुलिस ने पूछताछ और जांच के बाद माना कि मामले में किसी आपराधिक साजिश या अपराध का संकेत नहीं मिला. पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और पैन कार्ड व एलआईसी की रसीदें वापस कर उसे चेतावनी देकर भेज दिया. इस तरह पेड़ के नीचे मिले फटे नोटों का रहस्य आखिरकार सुलझ गया.


