बच्चे विकसित राष्ट्र की नींव-कल्याण
प्रिंसिपल कॉन्क्लेव कार्यक्रम

करनाल, 10 सितंबर। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि गरीबी बड़ी हो सकती है पर बच्चों के सपने छोटे नहीं होते। सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को उचित मार्गदर्शन मिले, संसाधनों की कमी उसकी क्षमता में बाधक न बने। हर बच्चा संस्कारित और अच्छा नागरिक बने। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का है। आज के बच्चे विकसित राष्ट्र की नींव हैं। वे किसी भी जाति अथवा परिवार से हों, वे स्वावलंबी बनेंगे तो देश आगे बढ़ेगा।

श्री कल्याण आज यहां कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज के सभागार में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित प्रिंसिपल कॉन्क्लेव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। मां सरस्वती के चरणों में नमन करते हुए उन्होंने कहा कि देश की प्रगति को जब बच्चों के भविष्य से जोडक़र देखते हैं उसमें शिक्षकों की अहम भूमिका है। खुद की समस्याओं के बावजूद दूसरों की समस्याओं को दूर करना और बच्चों के बेहतर भविष्य के बारे में सोचना कोई साधारण बात नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ मलिन बस्तियों के बच्चों के लिए काम करने और करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम की शुरूआत के लिए जिला उपायुक्त की मुक्त कंठ से सराहना की।

उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा की सबसे खूबसूरत रचना इंसान है। बच्चे से बड़ा होकर अच्छा इंसान कैसे बने और जीवन में किन ऊंचाइयों को छुए, इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों की है। बच्चों का सही मार्गदर्शन करना बहुत बड़ा काम है। श्री कल्याण ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा है-ज्ञान ही शक्ति है। डा. एपीजे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक होते हुए राष्ट्रपति के पद पर पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गरीब परिवारों से हैं लेकिन मेहनत के बल पर शीर्ष पदों पर पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व का दुनिया में डंका बज रहा है।

बच्चों में असीमित क्षमता
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों में असीमित क्षमता होती है। जनप्रतिनिधि के नाते कई बार जनसुनवाई कार्यक्रमों में उनसे ऐसे बच्चे भी मिलते हैं जिनके अभिभावकों की माली हालत कमजोर होने के कारण वे आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। कई बच्चे दूसरा स्कूल अधिक दूर होने की बात कहते हैं। श्री कल्याण ने कहा कि गरीबी बड़ी हो सकती है पर बच्चों के सपने छोटे नहीं होते। सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को उचित मार्गदर्शन मिले, संसाधनों की कमी उसकी क्षमता में बाधक न बने। हर बच्चा संस्कारित और अच्छा नागरिक बने। प्रधानमंत्री का सपना भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का है। आज के बच्चे विकसित राष्ट्र की नींव हैं। वे किसी भी जाति अथवा परिवार से हों, वे स्वावलंबी बनेंगे तो देश आगे बढ़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि झिझक के कारण कई बार बच्चे क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाते। स्कूलों में ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना होगा जिसस झिझक दूर हो।
पार्षदों से भी और सक्रिय होने की अपील
उन्होंने कहा कि सांसद, विधायकों के साथ-साथ पंच-सरपंचों, पार्षदों को भी और सक्रिय होने की जरूरत है। विधायकों से आग्रह किया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों व प्रशासन का और ज्यादा सहयोग करें। लक्ष्य है-हर बच्चा संस्कारों के साथ जीवन में आगे बढ़े, जिम्मेदार नागरिक बने। शिक्षक भी बच्चों में ऐसे भाव पैदा करें जिससे कि वे रूचि अनुसार अच्छे शिक्षक, श्रेष्ठ नागरिक, अच्छे नेता, प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक आदि बनें।
बच्चों में प्रतिभा एक समान-कश्यप
इंद्री के विधायक एवं मुख्य चीफ व्हीप रामकुमार कश्यप ने कहा कि सभी बच्चों में बराबर की प्रतिभा होती है। यदि कोई बच्चा फेल होता है जो जाहिर है उसने समय का सदुपयोग नहीं किया होगा। उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि वे स्वच्छता, पर्यावरण और बच्चों के स्वास्थ्य की ओर भी ध्यान दें। बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा दें। लक्ष्य प्राइवेट स्कूलों से बेहतर शिक्षा देने का होना चाहिए। बच्चों को मोबाइल के कम इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य के प्रति भी जागरूक करें। वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार लिए स्कूल परिसर अथवा आसपास के खाली स्थानों पर अधिकाधिक पौधे लगाएं।
बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी
स्थानीय विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा की गई व्यवस्था परिवर्तन का नतीजा है कि आज गरीब परिवारों के बच्चे भी बिना पर्ची व बिना खर्ची के अधिकारी बन रहे हैं। एक समय था जब बच्चों के कैरियर अथवा पढ़ाई का निर्णय अभिभावक करते थे। लेकिन समय परिवर्तन के साथ आज युवा खुद कैरियर के बारे में निर्णय ले रहे हैं।
इससे पहले जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास वर्मा ने जिला की शैक्षिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। पीपीटी के माध्यम से जिला के सरकारी स्कूलों में शुरू किए गए कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम की जानकारी दी गई। इसके अलावा राजधानी युवा संसद के प्रतिनिधियों ने भी संस्था के उद्देश्यों व अब तक प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा ने प्राचार्यों से करियर काउंसलिंग के कार्यक्रम को दोहरे उत्साह से आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा विषय है जिससे देश का भविष्य भी जुड़ा है।
इस मौके पर एडीसी डा. राहुल रईया, सीएम जीजीए श्रुति मिश्रा, जिला के खंड शिक्षा अधिकारी आदि मौजूद रहे। मुख्य अतिथि सहित अन्य विशिष्टï अतिथियों को स्मृति चिह्नï के रूप में पौधे दिए गए।

