अंतरराष्ट्रीय

समुद्र में परमाणु ताकत बढ़ा रहा किम जोंग उन!  नया विध्वंसक पोत शामिल

डेस्क: उत्तर कोरिया (North Korea) के नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर कोरिया ने करीब 5,000 टन क्षमता वाले नए विध्वंसक पोत ‘कांग कोन’ (Destroyer ‘Kang Kon’) को अपनी नौसेना में शामिल किया है। उत्तर कोरियाई सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग उन ने पोत के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और इसे देश की परमाणु प्रतिक्रिया प्रणाली (Nuclear Response System) का हिस्सा बनाने की बात कही।
यह समारोह 6 सितंबर को पूर्वी उत्तर कोरिया के बंदरगाह शहर वॉनसन में आयोजित किया गया। किम ने इस दौरान कहा कि अब उत्तर कोरिया के लिए समुद्र और पानी के नीचे अपनी संप्रभुता को मजबूती से स्थापित करने का समय आ गया है। हालांकि, उत्तर कोरियाई मीडिया ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कांग कोन विध्वंसक पोत सीधे तौर पर परमाणु हथियारों से लैस होगा या नहीं।

कांग कोन को इस श्रेणी का उत्तर कोरिया का दूसरा विध्वंसक पोत बताया जा रहा है। इससे करीब तीन महीने पहले देश के पश्चिमी तट पर ‘चोए ह्योन’ नामक विध्वंसक पोत को नौसेना में शामिल करने का समारोह हुआ था।
केसीएनए के मुताबिक, नए कांग कोन पर चोए ह्योन के समान हथियार प्रणालियां लगाई जा सकती हैं। इससे उत्तर कोरिया की समुद्री सैन्य क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होने का संकेत मिलता है।
परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलों की क्षमता?
नए युद्धपोत पर मौजूद हथियार प्रणालियों की पूरी जानकारी उत्तर कोरिया ने सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, केसीएनए की पिछली रिपोर्टों के मुताबिक चोए ह्योन पर कई तरह की मिसाइल प्रणालियां तैनात की जा सकती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इनमें कुछ ऐसी मिसाइलें भी हो सकती हैं जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हों।
यही वजह है कि कांग कोन को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस नए विध्वंसक पोत में वास्तविक परमाणु हथियार तैनात किए गए हैं या वह केवल परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम हथियार प्रणालियों से लैस है।
नौसेना के आधुनिकीकरण में जुटा उत्तर कोरिया
रॉयटर्स के मुताबिक, अपने परमाणु हथियारों और रणनीतिक क्षमताओं का विस्तार करने की कोशिशों के बीच उत्तर कोरिया ने नौसेना के आधुनिकीकरण पर भी जोर बढ़ा दिया है। किम जोंग उन ने समारोह में कहा कि उत्तर कोरिया की नौसैनिक परमाणु हथियार क्षमता लगातार विकसित हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए देश प्रमुख समुद्री क्षेत्रों में अपनी सबसे शक्तिशाली रणनीतिक क्षमताओं का विस्तार जारी रखेगा।
‘समुद्र और पानी के नीचे संप्रभुता’ पर जोर
वॉनसन में आयोजित समारोह के दौरान किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की समुद्री रणनीति को लेकर स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा कि देश के लिए अब समुद्र और जलमग्न क्षेत्र में अपनी संप्रभुता को मजबूत करने का समय है।
नए विध्वंसक पोत का नौसेना में शामिल होना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उत्तर कोरिया पहले ही परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। अब उसकी नौसैनिक क्षमता में आधुनिक युद्धपोतों और संभावित परमाणु-सक्षम मिसाइल प्रणालियों को शामिल करने की कोशिश क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण को और जटिल कर सकती है।
हालांकि, कांग कोन पर वास्तव में कौन-कौन से हथियार तैनात किए गए हैं और इसकी परमाणु भूमिका कितनी व्यापक होगी, इस पर अभी उत्तर कोरिया की ओर से पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

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