सम्मानित होनेवाले शिक्षकों में प्रो. अबसारुल हक, प्रोफेसर एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा प्रो. रेणु कुमारी, प्रोफेसर शामिल
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव डॉ. शारिक हुसैन ने किया सम्मानित
दरभंगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर डॉ. जाकिर हुसैन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, लहेरियासराय, दरभंगा में शिक्षक दिवस एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए महाविद्यालय के दो वरिष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले शिक्षकों में प्रो. अबसारूल हक, प्रोफेसर एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा प्रो. रेणु कुमारी, प्रोफेसर शामिल हैं। शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय तक उनके समर्पित योगदान, अनुभव एवं महाविद्यालय के शैक्षणिक विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव डॉ. शरीक हुसैन ने उन्हें सम्मानित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्यूपिल टीचर अहमद द्वारा पवित्र कुरआन की तिलावत से हुआ। इसके बाद छात्र-शिक्षिकाओं सलोनी, शालिनी एवं सानिया ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों एवं उपस्थित शिक्षकों का स्वागत किया।
इस अवसर पर नेहा, शिवानी कुमारी, आकांक्षा, अभिषेक, माध्या, बबीता, रजनी, शाहिदा एवं श्यामा सहित अन्य छात्र-शिक्षकों ने गीत, कविता एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षक दिवस के महत्व को रेखांकित किया।
शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रो. आकाक हाशमी ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं होता बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, विचार और भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनका जीवन शिक्षकों के लिए समर्पण, विद्वता और आदर्श का प्रेरणास्रोत है।
महाविद्यालय के एकेडमिक इंचार्ज डॉ. इम्बेसातुल हक ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं भावी शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने प्रो. अबसारूल हक के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय तक निरंतर कार्य करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रो. अबसारूल हक ने अपने लंबे अनुभव, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और प्रशासनिक दक्षता से महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका अनुभव आने वाली पीढ़ी के शिक्षक-प्रशिक्षुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रो. रेणु कुमारी के योगदान एवं अनुभवों को डॉ. कल्याणी कुमारी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहकर कार्य करना उनकी निष्ठा, समर्पण और पेशेवर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने अपने शिक्षण कार्य के माध्यम से अनेक भावी शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान किया है। उनका अनुभव और सरल व्यक्तित्व महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध करता रहा है।
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव डॉ. शरीक हुसैन ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों एवं भावी शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित शिक्षक होते हैं। शिक्षकों का सम्मान वास्तव में ज्ञान, शिक्षा और समाज निर्माण की परंपरा का सम्मान है।
इस अवसर पर डॉ. शरीक हुसैन ने प्रो. अबसारूल हक एवं प्रो. रेणु कुमारी को फाग, चादर, प्रशस्ति-पत्र एवं अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रो. अबसारूल हक ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व एवं प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रबंधन समिति ने उनके कार्यों एवं लंबे शैक्षणिक योगदान को सम्मान देते हुए जो अवार्ड प्रदान किया है वह उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव एवं सभी सदस्यों के साथ-साथ शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता सामूहिक प्रयास और आपसी सहयोग से संभव होती है।
इस अवसर पर प्रो. रेणु कुमारी ने सम्मान प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महाविद्यालय प्रबंधन समिति के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक के लिए इससे बड़ा सम्मान और क्या हो सकता है कि उसके कार्य और समर्पण को उसकी संस्था द्वारा सम्मानित किया जाए। उन्होंने अपने सहकर्मियों एवं महाविद्यालय परिवार के सहयोग को भी स्मरण करते हुए सभी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में इरतज़ा अहमद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले महाविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन कोमल एवं शालिनी सिंह ने प्रभावशाली ढंग से किया। समारोह का समापन महाविद्यालय के कुलगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सम्पूर्ण कार्यक्रम में शिक्षक सम्मान, गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। समारोह ने भावी शिक्षकों को अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और शिक्षक के रूप में अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

