सोचिए… बैंकिंग सिस्टम में इतना पैसा आ जाए कि RBI को ₹7 लाख करोड़ वापस खींचने पड़ जाएं! लेकिन सवाल है—आखिर इतना पैसा आया कहाँ से?

दरअसल, RBI ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त liquidity को absorb करने के लिए ₹7 लाख करोड़ तक का Variable Rate Reverse Repo यानी VRRR auction करने का फैसला किया है।
इसमें बैंक अपना अतिरिक्त पैसा RBI के पास रखेंगे और बदले में उन्हें ब्याज मिलेगा।
लेकिन असली कहानी है बैंकों में इतना पैसा आया कैसे?
इसके पीछे बड़ी वजह है RBI की foreign-currency deposit scheme, जिसके जरिए देश में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आई और इसके बदले बैंकिंग सिस्टम में रुपये की liquidity बढ़ी।
3 सितंबर तक बैंकिंग सिस्टम में surplus liquidity करीब ₹10.3 लाख करोड़ पहुंच गई थी।
अब RBI इस अतिरिक्त पैसे को कुछ समय के लिए सिस्टम से बाहर करके interest rates और inflation पर दबाव को नियंत्रित करना चाहता है।
यानी ₹7 लाख करोड़ सिर्फ एक बड़ा आंकड़ा नहीं है…
ये RBI का वो कदम है, जिससे वह तय करता है कि देश की economy में पैसा कितना घूमेगा!”

