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ट्रंप प्रशासन में फिर बड़ा बदलाव, अमेरिकी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल का इस्तीफा; हेगसेथ से तनाव की चर्चा

डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशासन में एक और बड़ा बदलाव हुआ है। अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल (Donald Trump) ने राष्ट्रपति ट्रंप को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके इस्तीफे की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में इसका संबंध रक्षा नेतृत्व के भीतर चल रहे मतभेदों से जोड़ा जा रहा है।
सीएनएन ने मामले से परिचित तीन सूत्रों के हवाले से बताया कि ड्रिस्कॉल और अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के बीच कई महीनों से तनाव था। ऐसे में उनका इस्तीफा रक्षा विभाग के भीतर जारी बदलावों की एक और कड़ी माना जा रहा है।
व्हाइट हाउस ने की ड्रिस्कॉल की तारीफ
ड्रिस्कॉल के इस्तीफे पर व्हाइट हाउस ने कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की। प्रवक्ता एना केली ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभाई।
केली के मुताबिक, ड्रिस्कॉल ने सैन्य अभियानों के दौरान नेतृत्व किया, अमेरिकी सेना की तैयारी और युद्धक क्षमता पर जोर दिया और रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत में भी मदद की।
हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से यह नहीं बताया गया कि ड्रिस्कॉल ने आखिर किन परिस्थितियों में अपना पद छोड़ने का फैसला किया।

हेगसेथ से तनाव की भी चर्चा
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रिस्कॉल और पीट हेगसेथ के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। इसी वजह से उनके इस्तीफे को पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में पहले ही बड़े बदलाव हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ ने इस साल की शुरुआत में सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज समेत दो अन्य जनरलों को उनके पदों से हटा दिया था।
बताया जाता है कि जॉर्ज और ड्रिस्कॉल एक-दूसरे के साथ करीबी तौर पर काम करते थे। ऐसे में सैन्य नेतृत्व में हुए इन बदलावों ने रक्षा विभाग के भीतर संभावित मतभेदों की चर्चाओं को और हवा दी है।
कौन हैं डैन ड्रिस्कॉल?
डैन ड्रिस्कॉल अमेरिकी सेना में सेवा दे चुके पूर्व आर्मी रेंजर हैं। सैन्य सेवा के बाद उन्होंने वेंचर कैपिटल और निजी निवेश के क्षेत्र में काम किया।
उन्होंने सेना में जवानों के लिए बेहतर जीवन सुविधाओं, सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण और यूक्रेन युद्ध से मिली तकनीकी सीख को अमेरिकी सेना में लागू करने की वकालत की।
उनके कार्यकाल में निजी कंपनियों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर डेटा सेंटर, महत्वपूर्ण खनिजों की रिफाइनरी और भोजन से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने के लिए 25 अरब डॉलर से अधिक के निवेश का वादा किया था।
सीनेट ने 66-28 वोट से दी थी मंजूरी
ड्रिस्कॉल को ट्रंप ने अमेरिकी सेना के सचिव के पद के लिए नामित किया था। 25 फरवरी 2025 को अमेरिकी सीनेट ने 66-28 मतों से उनके नाम की पुष्टि की थी।
ट्रंप ने उस समय उनके सैन्य अनुभव के साथ-साथ निवेशक और राजनीतिक सलाहकार के तौर पर उनके अनुभव को भी महत्वपूर्ण बताया था।
जेडी वेंस के सलाहकार भी रह चुके हैं
ड्रिस्कॉल ने ऑपरेशन इराकी फ्रीडम के दौरान अमेरिकी सेना की 10वीं माउंटेन डिवीजन में कैवेलरी स्काउट प्लाटून लीडर के रूप में सेवा की थी।
इसके बाद उन्होंने येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की और वेंचर कैपिटल तथा निजी इक्विटी क्षेत्र में काम किया। वह अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
फिलहाल ड्रिस्कॉल के इस्तीफे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि ट्रंप प्रशासन उनके स्थान पर किसे नियुक्त करता है और अमेरिकी रक्षा नेतृत्व में चल रहे बदलाव आगे किस दिशा में जाते हैं।

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