बिहार

बिहार: शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचे सीटीईटी अभ्यर्थी, बोले-हम लोगों को भी कुछ दिन की छूट दी जाए

डेस्क:बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास पर मंगलवार को बड़ी संख्या में सीटीईटी अभ्यर्थी पहुंचे। अभ्यर्थियों ने मांग की कि उनको भी टीआरई-4 में नौकरी के लिए आवेदन करने का वैसे ही मौका दिया जाए, जैसे एसटीईटी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को दिया गया है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए अभ्यर्थी रोमा कुमारी ने कहा कि शिक्षा मंत्री से रिक्वेस्ट करने आएं हैं कि जिस तरह से एसटीईटी वालों को मौका दिया गया, वैसे ही सीटीईटी वालों को भी मौका दिया जाए। हम लोगों को भी कुछ दिन की छूट दी जाए। जब उन लोगों को छूट दी गई तो हम लोगों को क्यों नहीं। अभ्यर्थी शोभा कुमारी ने कहा कि हम शिक्षा मंत्री से यही कहने आए हैं कि संविधान में समानता का अधिकार है, अगर एसटीईटी वालों को मौका मिल रहा है तो सीटीईटी वालों को भी मौका मिलना चाहिए। हम लोग कई वर्षों से तैयारी करते आ रहे हैं और जो योग्य विद्यार्थी हैं उनको एक बार तो मौका दिया जाना ही चाहिए।
छात्र नेता नरेंद्र सिंह यादव ने कहा, “हमारी मांग है कि जिस तरह बीपीएससी टीआरई 1.0 में सीटीईटी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को मौका दिया गया था और हाल ही में एसटीईटी 2026 के उम्मीदवारों को टीआरई 4.0 में शामिल होने की इजाजत दी गई, उसी नीति का पालन किया जाना चाहिए। बिहार शिक्षा विभाग को सीटीईटी 2026 के उम्मीदवारों को भी टीआरई 4.0 में शामिल होने का मौका देना चाहिए।”
एक और अभ्यर्थी मोहम्मद यासीन ने कहा, “हम यहां शिक्षा मंत्री के आवास पर हैं क्योंकि एसटीईटी अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में मौका दिया गया है, जबकि सीटीईटी 2026 अभ्यर्थियों को नहीं। सीटीईटी अभ्यर्थियों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। हमारी मांग सरल है; जैसे एसटीईटी अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में अवसर दिया गया है, उसी तरह सीटीईटी अभ्यर्थियों को भी वही अवसर दिया जाना चाहिए।”
अभ्यर्थी धीरज कुमार ने कहा कि यह कौन सा तरीका है कि सरकार की ओर से स्टेट वालों को जगह दी गई। सीटीईटी वालों ने ऐसा क्या किया है? यह क्या मजाक है। हम सरकार से खाने की मांग थोड़ कर रहे हैं, हम सरकार से मौका मांग रहे हैं। अगर हमारे अंदर योग्यता होगी तो हम लेंगे। यह कौन सा तरीका है कि एसटीईटी वालों को लेना है और सीटीईटी वालों को नहीं लेना है। हम लोग ऐसा नहीं होने देंगे।

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