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न सीमेंट, न सरिया… फिर भी सदियों से कायम है काहिरा की ये लकड़ी की छत, VIDEO ने मचाई हलचल

डेस्क: मिस्र की राजधानी काहिरा (kahira) की पुरानी गलियां आज भी अपने भीतर सदियों पुराना इतिहास समेटे हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इसी विरासत की ओर लोगों का ध्यान खींचा है। वीडियो में पुराने बाजार के बीच पत्थरों से बनी एक ऐतिहासिक इमारत (Historical building) और उसकी बेहद खूबसूरत लकड़ी की छत दिखाई दे रही है। पारंपरिक निर्माण तकनीक और बारीक कारीगरी देखकर लोग हैरान हैं।
वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह लकड़ी की छत करीब 1000 साल पुरानी है और इसे बिना सीमेंट या सरिया के बनाया गया था। हालांकि, किसी खास इमारत की उम्र और यह दावा कि छत इतने लंबे समय से बिना बदलाव के खड़ी है, ऐतिहासिक दस्तावेजों के बिना निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।

पुराने बाजार में दिखी शानदार कारीगरी
वीडियो में कैमरा जैसे ही पुराने बाजार के भीतर पहुंचता है, पत्थरों से बनी एक पुरानी इमारत दिखाई देती है। इसकी सबसे खास चीज ऊपर बनी लकड़ी की छत है।
छत के अलग-अलग हिस्सों में लकड़ी की जटिल डिजाइन और पारंपरिक कारीगरी दिखाई देती है। नीचे बाजार में दुकानें खुली हैं और लोगों की आवाजाही जारी है। यानी यह ऐतिहासिक ढांचा किसी संग्रहालय में बंद नहीं, बल्कि आज भी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा नजर आता है।
आखिर इतनी पुरानी लकड़ी खराब क्यों नहीं हुई?
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इसी सवाल को लेकर हो रही है कि लकड़ी इतनी लंबी अवधि तक सुरक्षित कैसे रही।
लकड़ी को नमी, कीड़ों, तापमान में बदलाव और मौसम से नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन पारंपरिक वास्तुकला में निर्माण की तकनीक, लकड़ी का चयन, हवा के आवागमन और संरचना की डिजाइन का विशेष ध्यान रखा जाता था।
इसके अलावा ऐतिहासिक इमारतों को समय-समय पर मरम्मत, संरक्षण और रेस्टोरेशन भी दिया जाता है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि छत एक हजार साल से बिल्कुल बिना किसी मरम्मत या बदलाव के उसी स्थिति में मौजूद है।
पत्थरों की दीवारों पर भी दिखती है बारीक नक्काशी
इमारत की खूबसूरती केवल लकड़ी की छत तक सीमित नहीं है। पत्थरों से बनी दीवारों पर भी पारंपरिक डिजाइन और बारीक कारीगरी दिखाई देती है।
पुराने दौर के कारीगरों के लिए इमारत केवल उपयोगिता का ढांचा नहीं होती थी। उसकी सजावट और वास्तुशिल्प पर भी उतना ही ध्यान दिया जाता था। लकड़ी और पत्थर का संयोजन इस संरचना को खास बनाता है।
पुराने काहिरा में आज भी जिंदा है इतिहास
काहिरा की खासियत यह है कि यहां आधुनिक शहर और पुरानी वास्तुकला एक साथ दिखाई देती है। आधुनिक सड़कों, वाहनों और बाजारों के बीच सदियों पुराने मस्जिद, मदरसे, मकबरे और बाजार आज भी मौजूद हैं।
पुराने काहिरा की गलियों से गुजरते हुए ऐसा लगता है जैसे आधुनिक समय से निकलकर किसी पुराने दौर में पहुंच गए हों। यही वजह है कि यहां की ऐतिहासिक वास्तुकला दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है।
वायरल दावे को लेकर सावधानी जरूरी
वीडियो में दिखाई दे रही लकड़ी की छत निश्चित रूप से पारंपरिक निर्माण कौशल की शानदार मिसाल है, लेकिन इसे ‘1000 साल पुराना और बिना किसी मरम्मत के खड़ा’ बताने वाले दावे को प्रमाणित ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बिना सच नहीं माना जा सकता।
फिर भी यह वीडियो एक अहम बात जरूर दिखाता है—पुराने समय में उपलब्ध सीमित संसाधनों के बावजूद कारीगरों ने ऐसी निर्माण तकनीक विकसित की थी, जिनकी खूबसूरती और मजबूती आज भी लोगों को आकर्षित करती है। काहिरा के बाजार में नजर आया यह ढांचा इसी समृद्ध स्थापत्य विरासत की एक झलक है।

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