सोचिए… विमान लैंड करने वाला हो और अचानक उसके पिछले हिस्से का रनवे से संपर्क हो जाए! गोरखपुर एयरपोर्ट पर IndiGo की फ्लाइट के साथ ऐसा ही हुआ।

मामला 19 अगस्त 2026 का है, लेकिन इसकी जानकारी और आगे की कार्रवाई अब सामने आई है। IndiGo की दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली फ्लाइट 6E2381, Airbus A321neo, की लैंडिंग के दौरान tail impact यानी tail strike की घटना हुई। विमान ने सुरक्षा के लिहाज से गो-अराउंड किया और इसके बाद गोरखपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सुरक्षित रहे।
घटना के बाद विमान को ऑपरेशन से हटा दिया गया। पोस्ट-फ्लाइट जांच में विमान के APU inlet के आसपास खरोंच के निशान पाए गए, जिसके बाद इसे मेंटेनेंस और तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। एयरलाइन के मुताबिक जरूरी जांच और तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान में लगाया जाएगा।
Tail strike आखिर होता क्या है?
जब लैंडिंग या टेकऑफ के दौरान विमान का पिछला निचला हिस्सा यानी tail रनवे को छू जाता है, तो उसे tail strike कहा जाता है। आम तौर पर विमान की nose ज्यादा ऊपर उठने पर tail और runway के बीच की दूरी कम हो सकती है।
इस मामले की एक और अहम बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक इसी VT-ILR रजिस्ट्रेशन वाले A321neo विमान को जनवरी 2023 में कोलकाता में लैंडिंग के दौरान पहले भी tail strike का सामना करना पड़ा था। उस घटना में 181 लोग विमान में सवार थे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी।
फिलहाल गोरखपुर की इस नई घटना के सटीक कारण और नुकसान की अंतिम तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। घटना की जानकारी DGCA को दी गई है और आगे की तकनीकी जांच का इंतजार है।
यात्रियों के लिए राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
लेकिन सवाल अब विमान की तकनीकी जांच पर है आखिर लैंडिंग के दौरान tail runway तक कैसे पहुंची और क्या इस घटना से भविष्य में किसी बड़े safety risk का संकेत मिलता है? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा।

