डेस्क: चोरी की खबरें आए दिन सुनने को मिलती हैं कहीं सोने-चांदी के गहने पार हो जाते हैं, तो कहीं नकदी और गाड़ियां, लेकिन जबलपुर में चोरी का एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने आम जनता के साथ-साथ भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. चोरों ने चंद पैसों की लालच में रेलवे की सिग्नल केबल काट ली, जिससे कई ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया और स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई.
जबलपुर रेलवे स्टेशन के यार्ड किलोमीटर नंबर 991-29 स्थित लोकेशन बॉक्स के पास से चोरों ने सिग्नल की केबल काट दी और फरार हो गए. चोरों के लिए यह महज तांबे या एल्युमीनियम का एक तार था, लेकिन रेलवे व्यवस्था के लिए यह दिल की धड़कन जैसी थी. सिग्नल कटते ही जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, एलटीटी-राजगीर ट्रेन, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी रह गईं.
सिग्नल न मिलने के कारण पांच ट्रेनें प्रभावित हुईं और करीब आधे से एक घंटे की देरी से रवाना हो सकीं. रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह केबल को दुरुस्त किया, तब जाकर रेल यातायात बहाल हुआ. चोरी की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एक्शन में आ गया. इस आपराधिक गुत्थी को सुलझाने में सबसे अहम भूमिका निभाई सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरों ने. आरपीएफ ने सुरक्षा के लिहाज से जबलपुर में 5, सिहोरा में 2 और भिटौनी में 2 ऐसे विशेष कैमरे लगवाए हैं.
ये कैमरे सौर ऊर्जा से चार्ज होते हैं और इन्हें आसानी से किसी भी संवेदनशील स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है. आरपीएफ ने जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो उसमें दो संदिग्ध नजर आए. फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी अंसारी उम्र 37 वर्ष, निवासी गाजीनगर, गोहलपुर की पहचान हुई. आरपीएफ टीम ने गोहलपुर क्षेत्र में दबिश देकर उसे धर दबोचा और उसके पास से चोरी की गई केबल भी बरामद कर ली.
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने कबूला कि उसने सुबह करीब 7:30 बजे अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर रेलवे यार्ड में पानी की टंकी के पास बने लोहे के बॉक्स को तोड़कर केबल काटी थी. काम के दौरान किसी रेलवे कर्मचारी को आता देख वे केबल को पास की झाड़ियों में छिपाकर भाग गए थे. आरोपी 18 अगस्त की रात जब झाड़ियों से केबल निकालकर ले जाने की कोशिश कर रहा था, तभी आरपीएफ ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया.
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के अनुसार, भले ही चुराई गई केबल की अनुमानित कीमत मात्र 6,750 रुपये थी, लेकिन इसके कारण ट्रेन संख्या 11705, 13202, 22182 और 12540 समेत यात्रियों का भारी समय बर्बाद हुआ. आरोपी के खिलाफ रेलवे प्रॉपर्टी अनलॉफुल पजेशन एक्ट की धारा 3(ए) और रेल अधिनियम की धारा 147 व 174 के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल मुख्य आरोपी के दो फरार साथियों अकबर अंसारी और जप्पू नाटी की तलाश में आरपीएफ लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

