डेस्क: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के छात्र आंदोलन के समर्थन को लेकर सोशल मीडिया पर हुई आलोचना और ट्रोलिंग का मामला अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। उनके पिता और तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बेटी के समर्थन में सामने आते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ की जा रही ट्रोलिंग स्वाभाविक नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित तरीके से काम करने वाले लोग हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि सोनाक्षी को निशाना बनाने वाले लोग कथित तौर पर पेड ट्रोल हैं। उन्होंने इसके लिए बीजेपी आईटी सेल और उसकी नीतियों का समर्थन करने वाले लोगों पर आरोप लगाया। उनके मुताबिक सोशल मीडिया पर सोनाक्षी के खिलाफ जिस तरह का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, वह बनावटी है और इसके पीछे पहले से तैयार संदेशों को आगे बढ़ाने वाले लोग शामिल हैं।
शत्रुघ्न ने अपनी बेटी के रुख की तारीफ करते हुए कहा कि सोनाक्षी खुद भी ट्रोलिंग को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होतीं। उन्होंने उनकी मजबूती की सराहना की और कहा कि सोनाक्षी में परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता है। उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया है।
सोनाक्षी सिन्हा छात्र आंदोलन के समर्थन में सामने आने वाली शुरुआती फिल्मी हस्तियों में शामिल रही हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों और विचारों को सामने रखने वाले छात्रों की सराहना की और कहा था कि देश की ताकत उसके युवाओं में है।
सोनाक्षी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ हुए घटनाक्रम पर भी चिंता जताई थी। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान वांगचुक को हटाए जाने की निंदा करते हुए उनके और अन्य छात्र प्रदर्शनकारियों के समर्थन में वीडियो साझा किया था। अभिनेत्री ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की।
उन्होंने यह भी कहा था कि पिछले कुछ दिनों से वह सोनम वांगचुक और उनके साथ खड़े हजारों लोगों को देख रही हैं। उनके मुताबिक असुविधाओं और निराशाओं के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया और अपने विश्वास पर कायम रहे। सोनाक्षी ने उनके इस रवैये को सराहनीय बताया था।
इसी राजनीतिक और सामाजिक रुख को लेकर जब सोनाक्षी की सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हुई तो शत्रुघ्न सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से बेटी का बचाव किया। उन्होंने ट्रोलिंग को लेकर बीजेपी आईटी सेल पर आरोप लगाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान बताया। हालांकि, ये आरोप शत्रुघ्न सिन्हा की ओर से लगाए गए हैं और उनके बयान में व्यक्त किए गए दावे के रूप में ही देखे जा रहे हैं।
इस दौरान शत्रुघ्न सिन्हा से यह सवाल भी किया गया कि क्या सोनाक्षी सिन्हा भविष्य में राजनीति में कदम रख सकती हैं। उन्होंने इस संभावना पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते और पहले बेटी से इस तरह के विषय पर बात किया करते थे।
शत्रुघ्न सिन्हा ने सोनाक्षी को अपनी योग्य बेटी बताते हुए उनकी सार्वजनिक सक्रियता की सराहना की। फिलहाल सोनाक्षी के राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में उनके छात्र आंदोलनों से जुड़े बयानों को उनके मौजूदा सामाजिक रुख के तौर पर ही देखा जा रहा है।

