अंतरराष्ट्रीय

ट्रंप ने किम जोंग उन संग शेयर की पुरानी तस्वीर, गंभीर चेहरों पर बोले- ‘हम बहुत अच्छे से मिलते हैं

डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शनिवार को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग (Kim Jong) उन के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तस्वीर में दोनों नेता गंभीर नजर आ रहे हैं और चेहरे पर मुस्कान दिखाई नहीं दे रही है। इसके बावजूद ट्रंप (Donald Trump) ने किम के साथ अपने रिश्तों को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि तस्वीर में भले ही दोनों के चेहरे दोस्ताना नहीं लग रहे हों, लेकिन उनके पास ऐसी कई तस्वीरें हैं जिनमें दोनों मुस्कुराते हुए नजर आते हैं।
ट्रंप बोले- किम और मैं बहुत अच्छे से मिलते हैं
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि इस खास तस्वीर में उनके और किम जोंग उन के चेहरे भले ही दोस्ताना नहीं दिख रहे हों, लेकिन ऐसी कई तस्वीरें मौजूद हैं जिनमें दोनों मुस्कुरा रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किम जोंग उन और वह बहुत अच्छे से मिलते हैं।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर कोरिया अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर लगातार नाराजगी जाहिर कर रहा है।

ट्रंप ने जॉर्ज वाशिंगटन के साथ AI तस्वीरें भी शेयर कीं
ट्रंप ने किम के साथ तस्वीर के अलावा अमेरिकी इतिहास से जुड़ी कुछ एआई-निर्मित तस्वीरें भी पोस्ट कीं। इनमें वह अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन के साथ नजर आ रहे हैं। एक तस्वीर में दोनों के हाथों में कलम दिखाई गई है, जबकि दूसरी तस्वीर में दोनों घोड़े पर सवार नजर आ रहे हैं।
17 अगस्त से शुरू होगा अमेरिका-दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास
उत्तर कोरिया की आपत्ति अमेरिका और दक्षिण कोरिया के आगामी संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उलची फ्रीडम शील्ड’ को लेकर है। यह सैन्य अभ्यास 17 अगस्त से 27 अगस्त तक आयोजित किया जाना है।
उत्तर कोरिया का आरोप है कि ऐसे सैन्य अभ्यास कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ाते हैं और इन्हें उकसावे की कार्रवाई के तौर पर देखा जाना चाहिए।
ड्रोन से लेकर साइबर हमले तक की होगी तैयारी
‘उलची फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास में आधुनिक युद्ध की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई तरह के प्रशिक्षण शामिल किए जाएंगे। इनमें ड्रोन से निपटना, जीपीएस में रुकावट पैदा होने की स्थिति में ऑपरेशन जारी रखना और साइबर हमलों का सामना करने की तैयारी प्रमुख है।
अमेरिका और उसके सहयोगी इन अभ्यासों के जरिए उत्तर कोरिया की बदलती सैन्य क्षमताओं के अनुरूप अपनी तैयारियों को मजबूत करना चाहते हैं।
उत्तर कोरिया ने बताया ‘उकसावे वाली कार्रवाई’
उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। उत्तर कोरियाई पक्ष का कहना है कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य सहयोग धीरे-धीरे परमाणु गठबंधन का रूप ले रहा है।
उत्तर कोरिया के एक प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर खतरे का स्तर बढ़ता है तो उसका जवाब देने के लिए देश अपनी सैन्य क्षमता भी बढ़ाएगा। बयान में कहा गया कि सुरक्षा सुनिश्चित करना उत्तर कोरिया का स्थायी सिद्धांत है।
प्रवक्ता के मुताबिक, इस बार होने वाला सैन्य अभ्यास पिछले पांच वर्षों में आयोजित अभ्यासों से अलग है। इसका उद्देश्य आधुनिक युद्ध के नए तरीकों के आधार पर सैन्य कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है।
एक हफ्ते में दूसरी बार मिसाइल लॉन्च
इस बीच, 12 अगस्त को उत्तर कोरिया ने कथित तौर पर एक और बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया। यह एक सप्ताह से भी कम समय में उत्तर कोरिया की ओर से किया गया दूसरा ऐसा प्रक्षेपण बताया गया।
दक्षिण कोरिया की सेना के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइल दागी। हालांकि, अमेरिका ने इसे सीधे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च कहने के बजाय केवल ‘मिसाइल लॉन्च’ बताया।
प्रक्षेपण के कुछ ही समय बाद अमेरिकी प्रशांत कमान की ओर से भी इस घटना को लेकर बयान जारी किया गया। ऐसे में ट्रंप का किम जोंग उन के साथ रिश्तों को अच्छा बताना और उत्तर कोरिया की ओर से लगातार सैन्य गतिविधियां सामने आना, दोनों देशों के बीच संबंधों की जटिल स्थिति को दर्शाता है।

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