गांधी मैदान से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बिहार को बड़ा संदेश!

डेस्क : 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, बिजली, महिला सुरक्षा, पर्यटन और आधारभूत संरचना को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और आने वाले वर्षों के लिए कई बड़े लक्ष्य सामने रखे।
रक्षाबंधन से ‘पुलिस दीदी’ की शुरुआतमहिला और बालिका सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस दीदी’ की अवधारणा सामने रखी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से स्कूल-कॉलेजों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके लिए लगभग 5,000 मोटरसाइकिल और स्कूटी उपलब्ध कराने की बात कही गई। मुख्यमंत्री के अनुसार पुलिस की ये बहनें बिहार की बेटियों और छोटी बहनों को सुरक्षा देने का काम करेंगी।
नवंबर तक 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बिहार में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नवंबर तक लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों, लगभग 10 हजार एकड़ औद्योगिक भूमि, प्लग एंड प्ले सुविधाओं, ड्राई पोर्ट और मल्टी-लॉजिस्टिक पार्क जैसी व्यवस्थाओं को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बिहार के लोगों से भी अपील की कि जो लोग देश-दुनिया में अपनी कर्मभूमि बना चुके हैं, वे बिहार की जन्मभूमि को संवारने में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बनने वाले उत्पादों की सरकारी खरीद में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की दिशा में भी सरकार काम करेगी।
रोजगार और उद्यमिता पर बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने ‘एक परिवार-एक उद्यमी’ की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही और स्टार्टअप, उद्यमी योजना तथा लघु उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सहयोग देने की बात कही।
चीनी मिलों से उद्योग को गति
बिहार की बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से सक्रिय करने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 चीनी मिलें चालू हो चुकी हैं और अगले छह महीने में पांच और चीनी मिलों पर काम शुरू करने का लक्ष्य है। उन्होंने बिहार में कुल 25 चीनी मिलों के लक्ष्य का भी उल्लेख किया।
बिजली में 125 यूनिट मुफ्त, किसानों को सस्ती बिजली
मुख्यमंत्री ने बिजली क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने 3 जुलाई को बिहार में अब तक की सर्वाधिक लगभग 9,475 मेगावाट बिजली खपत का भी उल्लेख किया।
किसानों के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की बात कही गई। साथ ही बीपीएल परिवारों के घरों पर मुफ्त रूफटॉप सोलर लगाने और 2027 तक 25 लाख घरों तक सोलर रूफटॉप पहुंचाने का लक्ष्य बताया गया।
12 नए टाउनशिप और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चरमुख्यमंत्री ने बिहार में 12 नए टाउनशिप विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। इनमें पटना के पास पाटलिपुत्र, दरभंगा के पास मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में मां पूर्णदेवी, मुंगेर में अंग, सीतामढ़ी में सीतापुरम और भागलपुर में विक्रमशिला जैसे प्रस्तावित टाउनशिप शामिल हैं।
उन्होंने हाई-स्पीड कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रैपिड रेल जैसी आधुनिक परिवहन व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने की बात कही।
शिक्षा में नए कॉलेज, मॉडल स्कूल और मुफ्त प्रतियोगी तैयारी
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में 211 डिग्री कॉलेज, 551 मॉडल स्कूल और शिक्षकों की नियुक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मॉडल स्कूलों में गरीब विद्यार्थियों के लिए IIT, JEE और NEET की मुफ्त तैयारी की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने भागलपुर में AI और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय, बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय तथा मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग से संबंधित विश्वविद्यालय की योजना का भी उल्लेख किया।
छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू करने की बात कही गई, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों की शिकायतों का 30 दिनों के भीतर समाधान करने का लक्ष्य बताया गया।
स्वास्थ्य व्यवस्था को जिला स्तर पर मजबूत करने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत कर सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर 36 प्रकार के ऑपरेशन कराने की व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य है, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों में रेफर न करना पड़े।
80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को PPP मॉडल पर विकसित करने की बात भी कही गई।
किसान, सिंचाई और मौसम की जानकारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सिंचित क्षेत्र को 21 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर लगभग 44 लाख हेक्टेयर तक किया गया है। कोसी-मेची लिंक, बागमती-बूढ़ी गंडक सहित कई सिंचाई परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में पंचायत स्तर तक मौसम केंद्रों की व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे किसानों को बारिश, गर्मी और मौसम संबंधी जानकारी समय पर मिल सके।
पर्यटन और बिहार की विरासत को दुनिया से जोड़ने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए बोधगया, विष्णुपद, सीतापुरम, हरिहरनाथ सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास की बात कही।
मोकामा में तिरुपति बालाजी मंदिर के लिए जमीन उपलब्ध कराने तथा सीतापुरम में मां सीता के भव्य मंदिर की योजना का भी उल्लेख किया गया। साथ ही बिहार के पर्यटन स्थलों को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की बात कही गई।
गौरवशाली बिहार के पुनर्निर्माण का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार के ऐतिहासिक गौरव—पाटलिपुत्र, नालंदा और विक्रमशिला—का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार को फिर से उसके पुराने गौरव और परम वैभव की ओर ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
गांधी मैदान से अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने बिहार के 14 करोड़ लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विकास का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था—भारत विकसित होगा और बिहार समृद्ध होगा। अब गांधी मैदान से घोषित इन लक्ष्यों और योजनाओं का वास्तविक असर बिहार के गांव, किसान, युवा, महिला, विद्यार्थी और आम परिवार तक कितना पहुंचता है, यही आने वाले समय की सबसे बड़ी कसौटी होगी।

