डेस्क : भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेशियों की हरकत के चलते अचानक तनाव बढ़ सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के पास बांग्लादेश के कुछ लोगों ने 2 भारतीय किसानों का अपहरण कर लिया.
सीमावर्ती इलाके के खेत में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को बांग्लादेशी ग्रामीणों का एक समूह खींचकर सीमा पर लेकर चला गया.
BSF पर दबाव बनाने के लिए बांग्लादेशियों ने उठाया कदम
बताया जा रहा है कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) की हिरासत से एक 70 वर्षीय बांग्लादेशी की रिहाई के लिए बांग्लादेशी ग्रामीणों ने दबाव बनाने के इरादे से यह कदम उठाया था. इसके बाद BSF बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच हुई मीटिंग के बाद तीनों नागरिकों की अदला-बदली कर उन्हें रिहा करा लिया गया.
बॉर्डर पर तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक विवाद की शुरुआत मंगलवार सुबह जब मेहेरपुर में इच्छाखाली बॉर्डर के पास बांग्लादेशी किसान अपनी फसल पर कीटनाशक छिड़कने के लिए गया था. बाग्लादेशी मीडिया का दावा है कि उस दौरान BSF के जवानों ने सीमा क्षेत्रों के नियमों के उल्लंघन के आरोप में किसान को हिरासत में ले लिया. हिरासत की खबर मिलते ही उसके रिश्तेदार स्थानीय ग्रामीण भड़क उठे. उन्होंने बीएसएफ से मन्नान को छोड़ने के लिए बार-बार अनुरोध किया, लेकिन जब उसे बीएसएफ ने नहीं छोड़ा, तो बाग्लादेशी ग्रामीणों का एक समुह भारतीय क्षेत्र में घुस गया. गुस्साए बांग्लादेशी जब भारतीय इलाके में दाखिल हुए वहां खेतों में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को जबरन बांग्लादेश उठाकर ले गए BGB को सौंप दिया. किडनैप हुए भारतीय किसानों की पहचान नारायण देब सचिन कर्मकार के रूप में हुई.
ग्रामीणों की पहल से सुलझा मामला
बांग्लादेशी ग्रामीणों द्वारा इस घटना को अंजाम देते ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अचानक तनाव बढ़ गया था. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार को सीमा की जीरो लाइन पर BSF BGB के अधिकारियों के बीच तत्काल एक फ्लैग मीटिंग बुलाई. BGB के बटालियन कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल नजमुल हसन ने मीडिया को पुष्टि की कि बांग्लादेशी किसान को बीजीबी को सौंप दिया गया. वहीं, बाग्लादेशी द्वारा पकड़े गए दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को सुरक्षित बीएसएफ के हवाले कर दिया गया.
बांग्लादेशियों द्वारा अपहरण की यह पहली घटना नहीं
यह पहली घटना नहीं है, जब बांग्लादेशी नागारिकों ने भारतीय का अपहरण किया हो. इससे पहले पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में बीते शनिवार के दिन भी ऐसी ही घटना भी थी. जलपाईगुड़ी के रहने वाले किसान दीपंकर गोप को 20 बांग्लादेशियों द्वारा किडनेप कर लिया गया था खींचकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में ले गए थे. 6 अगस्त को भारत में फेंसिंग काटकर अवैध रूप से घूसने की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी नागरिक को BSF द्वारा पकड़े जाने के विरोध में भारतीय किसान का किडनैप किया गया था.

