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दिल्ली विधानसभा में चावल घोटाले पर बवाल, AAP के 8 विधायक मार्शलों ने सदन से निकाले

डेस्क: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र  (Monsoon session of the Delhi Legislative Assembly) के तीसरे दिन मंगलवार को कथित चावल घोटाले  (Rice scams) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता (Chairman Vijender Gupta) ने AAP के आठ विधायकों को मार्शलों की मदद से सदन से बाहर करा दिया। सत्ता पक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान AAP विधायक कुलदीप कुमार ने सदन में मौजूद सदस्यों और अधिकारियों की ओर चावल फेंके।
वहीं, AAP विधायकों ने सरकार पर गरीबों के लिए सब्सिडी वाले चावल की कथित कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग की।

तख्तियां लेकर पहुंचे AAP विधायक
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आम आदमी पार्टी के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर चावल घोटाले के आरोपों पर नारेबाजी करने लगे। विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग उठाई।
AAP विधायकों ने इससे पहले विधानसभा परिसर में चावल की बोरियों के साथ भी प्रदर्शन किया था। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार ने गरीबों के लिए सब्सिडी वाले चावल को हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेच दिया।
दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि गरीबों के हिस्से के चावल की कथित तौर पर कालाबाजारी की गई है।
सिरसा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने न तो कोई चावल खरीदा और न ही बेचा है। उनके मुताबिक, उनके पास एक कंपनी का प्रतिनिधित्व आया था और उन्होंने केवल यह लिखा था कि मामले पर ‘नियमों के अनुसार विचार किया जा सकता है।’
सिरसा ने विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए AAP नेताओं को मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी भी दी। उन्होंने सौरभ भारद्वाज समेत अन्य नेताओं को आरोप वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए 24 घंटे का समय दिया है।
कुलदीप कुमार पर चावल फेंकने का आरोप
हंगामे के बीच PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि AAP विधायक कुलदीप कुमार ने सदन में अधिकारियों की ओर कुछ फेंका। सत्ता पक्ष के मुताबिक, इस दौरान चावल भी फेंके गए।
मामले को गंभीर मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मार्शलों को AAP के आठ विधायकों को सदन से बाहर ले जाने का निर्देश दिया। स्पीकर ने विपक्ष के व्यवहार को ‘अनुचित’ बताते हुए कहा कि सदन के भीतर इस तरह का आचरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कुलदीप कुमार को एक साल के लिए निलंबित करने की मांग
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष पर लगातार सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से विपक्ष की ओर से लगातार सत्र को बाधित करने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा विधायक अजय महावर ने स्पीकर से मांग की कि कुलदीप कुमार के कथित आचरण को देखते हुए उन्हें एक साल के लिए विधानसभा से प्रतिबंधित किया जाए।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
चावल के मुद्दे को लेकर विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। AAP इसे गरीबों के राशन से जुड़ा गंभीर मामला बता रही है, जबकि मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोपों को निराधार बताया है।
मंत्री की ओर से मानहानि की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी और सदन में AAP विधायकों के निष्कासन के बाद यह मुद्दा अब विधानसभा की कार्यवाही से निकलकर बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

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