दरभंगा : (सुरज ठाकुर)। प्रशिक्षित, जागरुक एवं अनुशासित युवा ही विकसित राष्ट्र की मूल आधारशिला- डॉ अरविन्द मिलन
स्वयंसेवक शिविर में सीखी गई बातों से आमलोगों को जागरुक एवं प्रशिक्षित करें, तभी इसकी सार्थकता पढ़ेगी- डॉ युगेश्वर
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के जुबिली हॉल में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से 200 स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं का एनएसएस कोषांग के तत्वावधान में “युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम” चौथे दिन भी जारी रहा, जिसमें एसडीआरएफ, पटना के हवलदार कृष्ण नंदन सिंह के नेतृत्व में देव कुमार, रूपेश कुमार पासवान, देव कुमार, खोखो कुमार, मालिक कुमार, राजू कुमार, तनुजा कुमारी, संतोषी कुमारी आदि ने हड्डी टूटने की आशंका पर खपची बांधना, स्थानीय संसाधनों के जुगाड़ से स्टेटस बनाना तथा फुल बॉडी लॉक करना, सड़क सुरक्षा के कारण, समस्या एवं निदान, जल, जीवन और हरियाली आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दें। कहा कि हड्डी टूटने की आशंका होने पर खपची बांधना प्राथमिक उपचार का हिस्सा है। लकड़ी की पट्टी, बांस की पतली पट्टी, कार्डबोर्ड या उपलब्ध समतल वस्तुओं को खपची के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। इससे अंगों को स्थिर रखकर अस्पताल पहुंचने तक सुरक्षित रखा जाता है। देव कुमार ने बताया कि भारत में सड़क दुर्घटना से 1,50,000 से अधिक की लोगों की मृत्यु होती है, जिनमें दुपहिया वाहन चालकों की मृत्यु सर्वाधिक होती है। भारत में सड़क दुर्घटना से 18 से 45 आयु वर्ग के लोग सर्वाधिक दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। सर्वाधिक इमारतें राष्ट्रीय उच्च पद पर होती है। शिविर में ज्ञानवर्धक वीडियो एवं डॉक्युमेंट्री भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डॉ आर एन चौरसिया, डॉ शबनम कुमारी, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ प्रियंका राय, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ युगेश्वर साह, डॉ सुधांशु कुमार, डॉ दिलीप कुमार झा, डॉ अरविन्द कुमार मिलन, डॉ संतोष कुमार, डॉ राज किशोर पासवान, डॉ रश्मि दत्ता, डॉ सोनू राम शंकर, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, अमित कुमार झा, रवीन्द्र कुमार सिंह, प्रशांत, साक्षी आदि में सक्रिय सहयोग किया।
आज के प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए सीएम साइंस कॉलेज के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ युगेश्वर साह ने कहा कि आपदा प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं के साथ ही हम शिक्षकों के लिए भी ज्ञान वर्धक एवं उपयोगी है। स्वयंसेवक शिविर में सीखी गयी बातों से आमलोगों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करें, तब इसकी सार्थकता और बढ़ जाएगी। वहीं बौद्धिक सत्र में बी एड (नियमित) के विभागाध्यक्ष डॉ अरविन्द कुमार मिलन ने “युवाओं का राष्ट्र के प्रति कर्तव्य” विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि युवावस्था जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण, क्षमतावान एवं साहस से पूर्ण अवस्था होता है। प्रशिक्षित, जागरुक एवं अनुशासित युवा ही विकसित राष्ट्र की आधारशिला होते हैं।सेवाभावी एवं अहंकार रहित युवाओं के बल पर ही सामाजिक परिवर्तन संभव है। अंतिम सत्र में संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने मनोरंजक एवं भक्ति प्रधान गीत, भजन, गजल एवं कविता आदि से वातावरण को मोहक बना दिया।

