हिंदी समाहार मंच की बैठक में आगामी साहित्यिक आयोजनों की बनी रूपरेखा
दरभंगा : हिंदी समाहार मंच के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं आमंत्रित सदस्यों की बैठक सह राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध बाल कवि डॉ. सतीश चन्द्र भगत का एकल काव्य पाठ रविवार को स्नेह अगेही शिक्षण संस्थान, शुभंकरपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. भगत ने एक दर्जन से अधिक काव्य रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर उपस्थित साहित्यप्रेमियों को भावविभोर कर दिया।
बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने की। उन्होंने आगामी साहित्यिक गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से समाज में रचनात्मक चेतना एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
सचिव अमिताभ सिन्हा ने मंच की गतिविधियों को गति देने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता से मंच की साहित्यिक यात्रा को नई दिशा मिलेगी।
14 और 24 अगस्त को विशेष कार्यक्रम
बैठक में आगामी 14 अगस्त को बाबू कमलेश्वरी चरण सिन्हा जयंती के अवसर पर आयोजित विमर्श कार्यक्रम तथा 24 अगस्त को साहित्यकार शम्भू अगेही की पुण्यस्मृति पर आयोजन सह सम्मान समारोह की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि समाहार पत्रिका में जिन रचनाकारों के आलेख प्रकाशित नहीं हो सके हैं, वे निर्धारित नियमों के अनुसार अपना आलेख भेजें।
कोषाध्यक्ष सूबेदार नन्द किशोर साहू ने मंच की आर्थिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी देते हुए सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा की।
एकल काव्य पाठ के दौरान डॉ. सतीश चन्द्र भगत की रचनाओं ने श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। उनकी कविताओं में बाल मन, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना एवं संस्कारों की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली।
इस अवसर पर प्रो आशुतोष कुमार वर्मा ने कहा कि- दोहा के माध्यम से डा भगत ने आर्ष कवियों की परंपरा को दोहराया है। पीली सरसों देख कर सनन- सनन हवा चलती कविता के माध्यम से उनके छंद और अलंकार पर प्रकाश डाला। वहीं वरिष्ठ पत्रकार अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि श्रोता ही निर्धारित करते हैं कि कवि कैसे हैं। सजग होकर रचना करना चाहिए।
कार्यक्रम में अमिताभ सिन्हा, सूबेदार नन्द किशोर साहू, डॉ. सतीश चन्द्र भगत, अतुल मिश्रा, आशीष अंकिंचन, राणा ब्रजेश, रूपम सिन्हा, साधुशरण भगत, शंभु नारायण चौधरी, पुनीत कुमार सिन्हा, दीनानाथ लाल, डॉ. हीरालाल सहनी, अमरेश्वरी चरण सिन्हा, डॉ सुनील मिश्रा,बद्री शर्मा, आशुतोष कुमार वर्मा एवं डॉ. विश्वनाथ ठाकुर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में प्रचार सचिव अतुल मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि “साहित्य के प्रति समर्पित सभी सदस्यों का स्नेह, सहयोग और सहभागिता ही हिंदी समाहार मंच की वास्तविक शक्ति है।” उन्होंने सभी अतिथियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं साहित्यिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
संवाददाता: डॉ.सुनील मिश्रा

