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महागठबंधन में नेतृत्व पर घमासान, कांग्रेस ने RJD पर उठाए सवाल; कहा- अब बदलना होगा गठबंधन का ‘कैप्टन’

पटना: बिहार की राजनीति में महागठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा है कि लंबे समय से गठबंधन की कमान RJD के हाथ में रही, लेकिन चुनावी नतीजे विपक्ष के पक्ष में नहीं आए। ऐसे में अब गठबंधन की रणनीति और नेतृत्व, दोनों पर नए सिरे से विचार करने का समय आ गया है।

ऋषि मिश्रा ने दावा किया कि 2005 से 2026 तक हुए कई चुनावों में विपक्षी गठबंधन को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उनका कहना है कि लगातार चुनावी हार के बावजूद हार के कारणों की गंभीर समीक्षा नहीं की गई। खासकर 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद अब तक समीक्षा नहीं होने को उन्होंने विपक्ष के लिए बड़ी कमजोरी बताया।

कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी एकता की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में INDIA गठबंधन को नए नेतृत्व और नई रणनीति की जरूरत है। उनके मुताबिक, भाजपा को चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर कांग्रेस के नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने अतीत की राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह अलग-अलग दल कभी कांग्रेस के खिलाफ एकजुट हुए थे, उसी तरह आज भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एक साझा नेतृत्व और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे आने की जरूरत है।

जन सुराज के लिए भी खुले दरवाजे?

ऋषि मिश्रा ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशांत किशोर INDIA गठबंधन के साथ आना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष को मजबूत करने के लिए व्यापक राजनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार होना चाहिए।

‘अब कोई स्थायी वोट बैंक नहीं’

बिहार की बदलती राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि अब किसी भी दल के लिए स्थायी वोट बैंक की राजनीति पहले जैसी आसान नहीं रह गई है। मतदाता का रुझान तेजी से बदल रहा है और चुनावी समीकरण भी लगातार नए रूप ले रहे हैं।

उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों का भी उल्लेख करते हुए इसे विपक्ष के लिए आत्ममंथन का अवसर बताया। उनके अनुसार, बदलते राजनीतिक संकेतों को समझे बिना विपक्ष भविष्य की चुनावी रणनीति तैयार नहीं कर सकता।

हालांकि, कांग्रेस नेता के इस बयान पर RJD की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना साफ है कि बिहार में विपक्षी गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर उठी यह आवाज आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती है।

आशुतोष झा

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