डेस्क: पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) को लेकर एक बार फिर चिंता गहरा गई है। यमन के दक्षिणी तट से सटी अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में एक तेल टैंकर के बेहद करीब जोरदार विस्फोट (Oil tanker explosion) होने की सूचना मिली है। घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और टैंकर को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा।
ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, यह घटना अदन से करीब 95 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में हुई। जहाज के कप्तान ने बताया कि टैंकर के बेहद नजदीक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है।
इसी बीच यमन के अल-बैदा प्रांत के मुकयारस क्षेत्र से स्थानीय सूत्रों ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों ने वहां से अदन की खाड़ी की दिशा में एक मिसाइल दागी थी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि टैंकर के पास हुआ विस्फोट उसी मिसाइल का परिणाम था या दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध नहीं है। हूती संगठन ने भी फिलहाल इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब लाल सागर और अदन की खाड़ी से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों पर सुरक्षा को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। हाल के महीनों में हूती विद्रोहियों द्वारा कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इससे पहले ओमान के तट के पास भी एक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध हमला हुआ था। जहाज ने सूचना दी थी कि उसे किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। यह घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्वी प्रवेश द्वार के पास, ओमान के अल-खासब से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुई थी, जिसने समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी थीं।
दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने अदन की खाड़ी में ‘डेजी’ नामक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जिसके बाद जहाज को अपना मार्ग बदलना पड़ा। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकेबंदी अभियान का हिस्सा है।
हूतियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने उत्तरी लाल सागर में ‘वफा’ नाम के एक अन्य सऊदी टैंकर को भी कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। हालांकि, इन दोनों हमलों के संबंध में सऊदी अरब की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

