डेस्क: लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए इटली की राजधानी रोम में महत्वपूर्ण वार्ता का दौर शुरू होने जा रहा है। लेबनान के शिया संगठन हिजबुल्ला ने इज़रायल के साथ वार्ता का समर्थन करने वालों के खिलाफ कारर्वाई की चेतावनी देते हुए कहा है कि जो लोग इज़रायली एजेंडे का हिस्सा बनेंगे और प्रतिरोध आंदोलन के खिलाफ कदम उठाएंगे उनका विरोध किया जाएगा।
हिजबुल्ला के महासचिव नईम कासिम ने मंगलवार को वीडियो संदेश में कहा, ‘जो लोग इज़रायली परियोजना में शामिल होकर प्रतिरोध, उसके समर्थकों और हमारे देश के खिलाफ कारर्वाई करेंगे, उनका हम उसी तरह मुकाबला करेंगे, जैसे दुश्मन का करते हैं।
उन्होंने लेबनान के राजनीतिक नेतृत्व से इज़रायल के साथ बातचीत में बिना किसी प्रतिफल के रियायतें नहीं देने, हिजबुल्ला के साथ संवाद शुरू करने, आंतरिक एकता बहाल करने और राष्ट्रीय संप्रभुता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। श्री कासिम ने कहा कि हिजबुल्ला लितानी नदी के दक्षिण में लेबनानी सेना की तैनाती का समर्थन करता है बशर्ते इज़रायली सेना लेबनान के सभी क्षेत्रों से पूरी तरह हट जाये।
उन्होंने कहा कि जब तक दक्षिणी लेबनान पर हमले और विनाश जारी रहेंगे तब तक पूरे देश में स्थिरता संभव नहीं है। लेबनान और इज़रायल के बीच वार्ता का नया दौर चार से छह अगस्त तक इटली की राजधानी रोम में प्रस्तावित है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन कई बार कह चुके हैं कि तेल अवीव के साथ बातचीत ही संघर्ष समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि लेबनान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेगा तथा इज़रायली सेना की पूर्ण वापसी उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

