उत्तर प्रदेश

कलाधाम हादसे पर जांच में सामने आई ठेकेदार, सुपरवाइजर और अधिकारियों की लापरवाही, विभागीय कार्रवाई की संस्तुति

डेस्क:ग्रेटर नोएडा । नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसायटी में छह वर्षीय मासूम की पानी से भरे नलकूप के गड्ढे में डूबने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। घटना को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन.जी. रवि कुमार ने लापरवाही के दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और सहायक प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से उनके सभी दायित्वों से मुक्त कर ग्रेटर नोएडा वेस्ट कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। प्राधिकरण के अनुसार, घटना के तुरंत बाद सीईओ के निर्देश पर ओएसडी अभिषेक पाठक और महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह की संयुक्त टीम गठित कर पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सामने आया कि ठेकेदार और साइट पर तैनात सुपरवाइजर व तकनीकी सुपरवाइजर के साथ-साथ प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों ने भी अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। इसी आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण पहले ही संबंधित ठेकेदार, सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा चुका है। अब विभागीय जांच में अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाए जाने के बाद सहायक प्रबंधक मनोज कुमार, प्रबंधक गरिमा सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सहायक प्रबंधक मनोज कुमार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से प्रतिनियुक्ति पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनात हैं। इसलिए उनके निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति पीडब्ल्यूडी शासन को भेजी गई है। वहीं प्रबंधक गरिमा सिंह के निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की संस्तुति भी शासन को भेज दी गई है।
गौरतलब है कि कलाधाम सोसायटी में नलकूप के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पर्याप्त बैरिकेडिंग न होने के कारण छह वर्षीय बच्चा उसमें गिर गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी थी। अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इस कार्रवाई को हादसे के लिए जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निर्माण स्थलों और विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाया जाएगा, ताकि किसी भी नागरिक की जान जोखिम में न पड़े।

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