दरभंगा: विगत दिनों बिरौल स्थित कोनी पुल के पास एक पुलिस वाहन की चपेट में आने से एक बच्चे का पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने घायल बच्चे को अपनी ही गाड़ी से बिरौल स्थित प्रथम हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
घायल बच्चे की माँ पूजा कुमारी का आरोप है कि अस्पताल ने उनके आयुष्मान भारत कार्ड से ₹28,300 एवं ₹27,800 की राशि दो बार क्लेम की। उनका कहना है कि जब तीसरा क्लेम संभव नहीं हुआ, तो अस्पताल ने उन्हें जबरन बाहर कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह अपने घायल बच्चे के इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

पूजा कुमारी का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) बिरौल सहित अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग की है।

इस घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिरौल क्षेत्र में किसी भी दुर्घटना या घटना के बाद पुलिस अक्सर घायलों को प्रथम हॉस्पिटल ही ले जाती है, जहाँ लोगों के साथ कथित रूप से आर्थिक शोषण किया जाता है।

