भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने टेस्ट फ्लाइट-1 में सफलतापूर्वक अपनी अंतिम बर्न पूरी कर 450 किमी की कक्षा में पेलोड स्थापित कर दिए।
इस सफलता के साथ भारत निजी ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया। यह उपलब्धि भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा सकती है।

