डेस्क: पूर्व भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले का मानना है कि इंग्लैंड के लिए जो रूट का असर वैसा ही है जैसा भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा का है। अनुभवी खिलाड़ी ने दूसरे वनडे में शानदार नाबाद 99 रन की पारी खेलकर मेजबान टीम को 4 विकेट से जीत दिलाई और सीरीज 1-1 से बराबर करने में मदद की। रूट ने सोफिया गार्डन्स में 234 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 133 गेंदों पर नाबाद 99 रन बनाए। अनुभवी ओपनर शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए क्योंकि गस एटकिंसन ने 35 गेंदें बाकी रहते हुए विजयी बाउंड्री लगाई।
रूट की पारी पर बात करते हुए कुंबले ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान के पारंपरिक वनडे अंदाज और दबाव झेलने की क्षमता पर जोर दिया। कुंबले ने जियो हॉटस्टार से कहा, ‘इंग्लैंड के लिए जो रूट वैसे ही हैं जैसे भारत के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा। रूट उस इंग्लैंड टीम में एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जो अभी भी पुराने वनडे माइंडसेट के साथ खेलते हैं। दूसरे बल्लेबाज शुरू से ही आक्रामक खेल रहे थे, लेकिन रूट ने समय लिया, पारी को संभाला और लक्ष्य का पीछा करते हुए शांति बनाए रखी।’
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, ‘स्ट्राइक रोटेट करने और गैप ढूंढने की उनकी क्षमता उन्हें बेहद भरोसेमंद बनाती है। आप जानते हैं कि वह गलत समय पर जोखिम भरा शॉट नहीं खेलेंगे। खेल की ऐसी समझ बहुत कीमती होती है।’ कुंबले ने रूट के अंदाज की तुलना इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक से की और कहा कि हालात में आक्रामकता के बजाय धैर्य की जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘हैरी ब्रूक और जो रूट के बीच अंतर साफ था। ब्रूक ने ऐसे हालात में T20 शॉट खेलने की कोशिश की जो इसके अनुकूल नहीं थे, जबकि रूट ने वनडे बल्लेबाजी का बेहतरीन नमूना पेश किया।’
भारत के पूर्व कोच ने रूट की बल्लेबाजी की सोच की तुलना कोहली और रोहित से भी की और बिना अनावश्यक जोखिम उठाए लगातार रन बनाने की क्षमता के लिए तीनों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘रूट, कोहली और रोहित को जो चीज इतना सफल बनाती है, वह यह है कि उनके रन बनाने का तरीका बहुत आसान लगता है। वे पहले से कोई योजना नहीं बनाते। वे गेंद के हिसाब से प्रतिक्रिया देते हैं। वे ज्यादा जोखिम और ज्यादा इनाम वाले क्रिकेट के बजाय कम जोखिम और ज्यादा इनाम वाला क्रिकेट खेलते हैं। जब आपके पास ऐसी क्लास, ग्रेस और सोच होती है, तो यह पूरी टीम के लिए काम आसान कर देता है।’

