डेस्क:नोएडा । दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम का लगातार बदलता मिजाज लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। एक ओर मानसून सक्रिय होने के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं हो रही, वहीं दूसरी ओर तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 16 जुलाई को दोपहर के समय तेज गर्मी और उमस को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 16 जुलाई को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आकाश आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। मौसम विभाग ने विशेष रूप से दोपहर के समय “हॉट एंड ह्यूमिड” यानी अत्यधिक गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी जारी की है। 17 जुलाई को भी मौसम में कोई खास राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा तथा हालांकि इस दिन किसी प्रकार की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। 19 जुलाई को भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, मौसम विभाग ने इन दोनों दिनों में तेज बारिश और आंधी की आशंका व्यक्त की है। इसके बाद 20 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने की संभावना है।
मौसम सामान्य रूप से बादल छाए रहने का रहेगा तथा आर्द्रता 70 से 60 प्रतिशत के बीच रह सकती है। वहीं 21 जुलाई को भी अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे। लगातार बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण, डिहाइड्रेशन, पेट संबंधी संक्रमण और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी, उमस और अचानक होने वाले मौसम परिवर्तन के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है।

