डेस्क: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) की संभावित वतन वापसी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। देश की अंतरिम सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि उनके खिलाफ अदालत के आदेश लागू किए जाएंगे और कानूनी प्रक्रिया (Legal process) के तहत कार्रवाई होगी।
भारत में रह रहीं शेख हसीना ने हाल ही में कहा था कि वह अपनी पार्टी आवामी लीग के नेताओं के साथ बांग्लादेश लौटकर अदालत का सामना करना चाहती हैं। हालांकि सरकार के ताजा बयान ने उनकी वापसी को लेकर नई अटकलें पैदा कर दी हैं।
सरकार का दावा- अदालत के आदेश के अनुसार होगी कार्रवाई
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि शेख हसीना की वापसी पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी और अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि उनके खिलाफ जारी मामलों को देखते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
इससे पहले विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने भी कहा था कि यदि हसीना लौटकर आत्मसमर्पण करती हैं, तो उन्हें मौजूदा कानून के तहत न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा और अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा था कि वह आवामी लीग के नेताओं के साथ बांग्लादेश लौटकर अदालत में पेश होना चाहती हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि वापसी पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी जान को खतरा हो सकता है।
हसीना ने कहा था कि उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने देश लौटना चाहती हैं। उनके मुताबिक, यदि जीवन का अंत होना है तो वह अपनी मातृभूमि में ही हो।
2024 के आंदोलन के बाद छोड़ा था देश
5 अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था। इसके बाद वह ढाका से भारत आ गईं और तब से भारत में रह रही हैं।
अदालत से मिल चुकी है मौत की सजा
बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने पिछले वर्ष 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघन और ‘मानवता के विरुद्ध अपराध’ से जुड़े मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के आधार पर बांग्लादेश सरकार लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग करती रही है।
प्रधानमंत्री के सूचना एवं रणनीति मामलों के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने कहा कि यदि शेख हसीना देश लौटती हैं तो उनके खिलाफ अदालत के फैसले के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी पसंद के वकीलों के जरिए कानूनी लड़ाई लड़ने का पूरा अवसर मिलेगा।
भारत ने दोहराया अपना रुख
शेख हसीना की संभावित वापसी और प्रत्यर्पण की चर्चाओं के बीच भारत ने भी अपना रुख दोहराया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में भारत की स्थिति पहले जैसी ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्यर्पण से जुड़े सभी मामलों का निपटारा दोनों देशों के बीच लागू कानूनी प्रावधानों और प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाएगा।

