उत्तर प्रदेश

होमबायर्स धोखाधड़ी मामला : सीबीआई ने बिल्डर कंपनी, उसके निदेशकों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

डेस्क:नोएडा घर खरीदारों (होमबायर्स) से बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी के मामलों की चल रही जांच में एक और महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नोएडा स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की गतिविधियों के सिलसिले में मैसर्स साहा इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड व आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है। यह चार्जशीट नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश की गई है।
सीबीआई द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने बैंकों के अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इसके तहत उन्होंने घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे आश्वासन तथा भ्रामक प्रलोभन देकर लुभाया और अवैध व धोखाधड़ी के तौर-तरीके अपनाकर भारी वित्तीय लाभ प्राप्त किया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्जः
सीबीआई ने जांच के दौरान पुख्ता और पर्याप्त सबूत जुटाए हैं, जिसके आधार पर सक्षम अदालत के समक्ष भारतीय दंड संहिता (IPC) की प्रासंगिक धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इसमें मुख्य रूप से आपराधिक साजिश, आधिकारिक पद का दुरुपयोग, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के अपराध शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 33 मामलों की जांच जारीः
सीबीआई वर्तमान में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत देश भर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज अन्य 33 मामलों की जांच कर रही है। ये मामले घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी और उनके फंड को डायवर्ट (स्थानांतरित) करने से संबंधित हैं। इन कंपनियों के खिलाफ पहले ही दाखिल हो चुकी है चार्जशीट सीबीआई इस महाघोटाले में अब तक अलग-अलग कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ 15 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
इन कंपनियों में मैसर्स रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्रा. लि., मैसर्स ड्रीम प्रोकॉन प्रा. लि., मैसर्स जेपी इन्फ्राटेक लि., मैसर्स एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्रा. लि., मैसर्स सीएचडी डेवलपर्स प्रा. लि., मैसर्स सीक्वल बिल्डकॉन प्रा. लि., मैसर्स लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्रा. लि., मैसर्स मंजू जे होम्स इंडिया लि., मैसर्स शुभकामनाव बिल्डटेक प्रा. लि., मैसर्स नाइनैक्स डेवलपर्स लि., मैसर्स डीसेंट बिल्डवेल प्रा. लि., मैसर्स रुद्रा बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्रा. लि., मैसर्स इथाका एस्टेट प्रा. लि., मैसर्स एलजीसीएल अर्बन होम्स (इंडिया) एलएलपी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
सीबीआई ने इन कंपनियों के निदेशकों के साथ-साथ कतिपय बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों को भी इनमें आरोपी बनाया है। सीबीआई ने एक बार फिर दोहराया है कि वह आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, विशेष रूप से उन मामलों में जो आम नागरिकों और घर खरीदारों के हितों को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।

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