डेस्क: पश्चिम बंगाल सरकार (Government of West Bengal) ने श्रावण माह और रथ यात्रा को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि इस बार श्रावण के प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिरों में जलाभिषेक (Jalabhishek) करने आने वाले श्रद्धालुओं पर मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा कराई जाएगी। इसके साथ ही तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। पूरे महीने शिवभक्तों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने विस्तृत तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि पुष्पवर्षा का आयोजन मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप किया जाएगा।
हर पांच किलोमीटर पर बनेंगे सेवा केंद्र
सरकार ने शेउराफुली से तारकेश्वर धाम तक हर पांच किलोमीटर की दूरी पर सेवा केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। इसके अलावा श्रावण मेले के प्रमुख मार्गों पर भी ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे, जहां कांवड़ लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इन सेवा केंद्रों पर पुलिस सहायता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस, प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्था रहेगी, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
तीन प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशेष इंतजाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों—तारकेश्वर धाम, जलपेश मंदिर और भूटान सीमा के निकट स्थित जयंती क्षेत्र के मंदिर—पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि तारकेश्वर धाम के विकास कार्यों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकें।
रथ यात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 16 जुलाई को आयोजित होने वाली रथ यात्रा से पहले राज्य की 60 रथ यात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा राज्यभर में आयोजित होने वाले 75 पारंपरिक रथ यात्रा मेलों में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सेवा केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
पिछली सरकार पर भी साधा निशाना
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले की सरकारें धार्मिक आयोजनों में केवल कानून-व्यवस्था तक अपनी भूमिका सीमित रखती थीं। उनके अनुसार, अब राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय सहयोग दे रही है।
उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में सरकारें धार्मिक परंपराओं को संस्थागत समर्थन देती हैं और अब पश्चिम बंगाल में भी श्रद्धालुओं को उसी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

