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सोने-चांदी की चमक पड़ सकती है फीकी! ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कीमतों में गिरावट के संकेत

डेस्क: वैश्विक बाजार में जारी हलचल के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी (Gold and silver) की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और महंगाई के आंकड़ों पर निवेशकों (Investors) की नजर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुओं में गिरावट और करेक्शन का दौर जारी रह सकता है।
ईरान-अमेरिका विवाद से बढ़ी बाजार की चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़े नए तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने हाल में एक ऐसे जहाज को निशाना बनाने की बात कही, जो उसकी अनुमति के बिना निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की।
इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमले किए। इसके बाद ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम ने निवेशकों को फिर से सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर ध्यान देने को मजबूर किया है।
भू-राजनीतिक घटनाओं पर रहेगी बाजार की नजर
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के अनुसार, सोने और चांदी में फिलहाल गिरावट और करेक्शन का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि अब बाजार का मुख्य फोकस अमेरिका-ईरान संघर्ष पर रहेगा। अगर तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और अमेरिकी डॉलर तथा अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों को मजबूती मिल सकती है।

उन्होंने बताया कि निवेशक भारत, यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, क्योंकि इनसे दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति की दिशा के संकेत मिल सकते हैं।

पिछले सप्ताह घरेलू बाजार में गिरे दाम
घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव सप्ताह के दौरान 3,900 रुपये यानी 2.65 प्रतिशत गिरकर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर अनुबंध वाली चांदी में 14,746 रुपये यानी 6.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।
तेजी आते ही हो रही मुनाफावसूली
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोने के लिए एक और कमजोर सप्ताह रहा। मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि बीच-बीच में कीमतों में सुधार की कोशिश हुई, लेकिन सर्राफा बाजार तेजी को बनाए रखने में सफल नहीं रहा। हर उछाल पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की। त्रिवेदी के अनुसार, भारतीय रुपये में मामूली कमजोरी से एमसीएक्स सोने को कुछ समर्थन मिला, लेकिन वैश्विक बाजार में कमजोर रुख ने इसके असर को सीमित कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क के कॉमेक्स बाजार में सोना वायदा 12 डॉलर यानी 0.3 प्रतिशत गिरकर 4,113.7 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी की कीमतों में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 60.16 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार भागीदार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा को समझने के लिए कई आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इनमें खुदरा बिक्री, आवास क्षेत्र के आंकड़े और साप्ताहिक बेरोजगारी दावों जैसे प्रमुख संकेतक शामिल हैं। इन आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों के आधार पर ही आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय होगी।

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