डेस्क: अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के करीबी सहयोगी सीनेटर लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके कार्यालय ने बताया कि ग्राहम का निधन एक “संक्षिप्त और अचानक हुई बीमारी” के बाद हुआ। बाद में प्रारंभिक चिकित्सीय जानकारी में उनकी मौत का कारण एओर्टिक डिसेक्शन (Aortic rupture), जो हृदय संबंधी बीमारी से जुड़ा था, बताया गया।
ग्राहम के परिवार ने लोगों से प्रार्थना करने की अपील की है और इस कठिन समय में निजता बनाए रखने का अनुरोध किया है। उनके निधन पर अमेरिका के कई राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
ट्रंप के सबसे करीबी सहयोगियों में थे शामिल
लिंडसे ग्राहम लंबे समय तक अमेरिकी सीनेट में दक्षिण कैरोलिना का प्रतिनिधित्व करते रहे। शुरुआती वर्षों में वे डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक थे, लेकिन बाद में उनके सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में शामिल हो गए। विदेश नीति, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।
हाल ही में वह यूक्रेन की यात्रा से लौटे थे और सीनेट के महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे पर सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
रूस प्रतिबंधों वाले विधेयक के प्रमुख समर्थक
ग्राहम उन अमेरिकी सांसदों में शामिल थे जो रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की वकालत कर रहे थे। उन्होंने एक ऐसे द्विदलीय विधेयक का समर्थन किया था, जिसमें रूस से बड़े पैमाने पर ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया था।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना था। हालांकि यह विधेयक अभी कानून नहीं बना था और उस पर अमेरिकी सीनेट में आगे की प्रक्रिया बाकी थी। इसलिए भारत पर किसी टैरिफ का फैसला नहीं हुआ था।
बिल के भविष्य पर नजर
ग्राहम के निधन के बाद इस प्रतिबंध विधेयक के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अमेरिकी सीनेट में किसी भी विधेयक की प्रक्रिया केवल एक सांसद पर निर्भर नहीं होती। यदि पर्याप्त सांसदों का समर्थन बना रहता है, तो प्रस्ताव आगे भी बढ़ सकता है। फिलहाल सीनेट नेतृत्व की अगली रणनीति का इंतजार किया जा रहा है।
कौन थे लिंडसे ग्राहम?
2003 से अमेरिकी सीनेट में दक्षिण कैरोलिना का प्रतिनिधित्व किया।
इससे पहले 1995 से 2003 तक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के सदस्य रहे।
अमेरिकी वायुसेना की जेएजी (JAG) शाखा में वकील के रूप में सेवा दी और कर्नल के पद तक पहुंचे।
विदेश नीति, रक्षा, यूक्रेन और इज़राइल के समर्थन तथा रूस के खिलाफ कड़े रुख के लिए जाने जाते थे।

