अंतरराष्ट्रीय

यह एक ऐसा भारत है जो ‘और विकास करो, और उपलब्धियां हासिल करो’ में यकीन करता है: मोदी

डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘खूब विकास करो, और उपलब्धियां हासिल करो’ की दृष्टि से प्रेरित भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि देश के बड़े सपनों एवं बड़ी आकांक्षाओं की बुनियाद उसके लोग हैं। प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की उपस्थिति में मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि शिक्षा, कौशल एवं नवोन्मेष के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी गहरी और मजबूत हो रही है।
भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा पर 
प्रधानमंत्री ने खचाखच भरे स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ” 21वीं सदी का भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। यह एक ऐसा भारत है जो ‘और विकास करो, और उपलब्धियां हासिल करो’ में यकीन करता है।” मोदी ने कहा कि ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र भारत में शासन का मार्गदर्शक सिद्धांत बन गया है। उन्होंने कहा,”भारत के बड़े सपनों और बड़ी आकांक्षाओं की नींव इसके लोग … ‘हम, भारत के लोग’ हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां नागरिकों के कल्याण पर केंद्रित हैं।
आप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एक झलक देखी 
प्रधानमंत्री ने कहा, ”आज चिप से लेकर शिप (जहाज) तक बनाकर भारत नयी विनिर्माण व्यवस्था विकसित कर रहा है।” उन्होंने कहा कि भारत ‘सिक्स जी’ प्रौद्योगिकी पर काम कर रहा है। मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया ने भारत के रक्षा मंचों की क्षमता और विश्वसनीयता को देखा है। उन्होंने दर्शकों की तालियों के बीच कहा, ”आपने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एक झलक देखी होगी। धमाके आतंकवादियों के ठिकानों पर हो रहे थे और उनकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी।” मोदी ने कहा कि भारत में 2,00,000 से ज़्यादा पंजीकृत ‘स्टार्टअप’ हैं और हर महीने 4,000 से ज़्यादा नए ‘स्टार्टअप’ पंजीकृत हो रहे हैं।
अपना खुद अंतरिक्ष स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं
उन्होंने कहा कि रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों ‘स्टार्ट-अप’ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को कुछ साल पहले ही निजी उद्यम के लिए खोला गया था और आज भारत का पहला प्राइवेट अंतरिक्ष ‘स्टार्ट-अप’ बहुत जल्द अपने रॉकेट से सैटेलाइट प्रक्षेपित करने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा, ” आप सभी जानते हैं कि चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा। भारत के अलावा कोई भी देश ऐसा नहीं कर पाया है। लेकिन भारत इतने से ही संतुष्ट नहीं है। जैसा कि हम कहते हैं, ‘और विकास करो, और उपलब्धियां हासिल करो।’ ऐसे में अब भारत गगनयान भेजेगा और हम अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
वेनेज़ुएला के दर्द को अपना दर्द समझा
वेनेजुएला के हालिया भूकंप का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा जितनी जल्दी हो सका, उसने मदद भेजी। उन्होंने कहा, ”हमने दूरी की परवाह नहीं की। भारत ने वेनेज़ुएला के दर्द को अपना दर्द समझा। जब भारत मदद करता है, तो वह पासपोर्ट नहीं देखता। वह पासपोर्ट का रंग भी नहीं देखता। इसीलिए दुनिया भारत पर इतना भरोसा करती है।” अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में बुधवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनकी तीसरी यात्रा है। उन्होंने लोगों की तालियों और उत्साह के बीच कहा, ”यह हैट्रिक है। इससे पता चलता है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते मज़बूत हुए हैं। इसमें सबसे अहम भूमिका मैंने नहीं, बल्कि आप सभी, प्रवासी भारतीयों ने निभाई है।

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