खेल

ज़ोरावर सिंह चहल ने इंडियन गोल्फ यूनियन के उत्तरी ज़ोन फीडर का गोल्फ टूर्नामेंट जीता

डेस्क:खेलों की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं ज़ोरावर सिंह चहल चंडीगढ़। खेलों में परिवार की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए दस वर्षीय ज़ोरावर सिंह चहल ने इंडियन गोल्फ यूनियन के उत्तरी ज़ोन फीडर के छठे इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। स्ट्रॉबेरी फील्ड हाई स्कूल, चंडीगढ़ में पांचवीं कक्षा के छात्र ज़ोरावर सिंह ने यह टूर्नामेंट अंबाला के खड़गा पर्यावरण पार्क एवं प्रशिक्षण केंद्र में जीता, जिसमें उन्होंने अंडर-6 स्कोर के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। सी कैटेगरी में खेल रहे ज़ोरावर सिंह ने यह साबित कर दिया कि वह अपने परिवार की खेल विरासत को कायम रखेंगे। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान एवं ओलंपियन गगन अजीत सिंह, जो फाजिल्का के एसएसपी हैं, के बेटे तथा पूर्व ओलंपियन अजीत सिंह के पोते ज़ोरावर सिंह की खेलों के प्रति शुरू से ही रुचि रही है, इसलिए उनके पिता ने उनका भरपूर सहयोग किया। ज़ोरावर सिंह ने वर्ष 2023 में यू.एस. जूनियर चैंपियनशिप में पहला स्थान हासिल किया। वर्ष 2024 में यू.एस. किड्स जूनियर चैंपियनशिप में भी पहला स्थान प्राप्त किया। इसी वर्ष आई.जी.यू. (इंडियन गोल्फ यूनियन) के उत्तरी ज़ोन के पटियाला में आयोजित टूर्नामेंट में दूसरा स्थान हासिल किया था और अब आई.जी.यू. ज़ोन फीडर के छठे इवेंट में जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया कि वह अपने परिवार की विरासत को और आगे ले जाएंगे।
ज़ोरावर सिंह के पिता गगन अजीत सिंह दो बार ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके हैं। वर्ष 2001 में उनकी कप्तानी में भारतीय जूनियर टीम ने जूनियर विश्व कप जीता। उन्होंने एशियाई खेलों में रजत पदक भी जीता।
ज़ोरावर सिंह के दादा अजीत सिंह ने 1976 मॉन्ट्रियल ओलंपिक में सबसे तेज़ गोल किया था तथा 1973 विश्व कप में रजत पदक जीता। अजीत सिंह के बड़े भाई हरमिक सिंह की कप्तानी में भारत ने 1972 म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 1968 ओलंपिक में कांस्य पदक तथा 1971 विश्व कप में कांस्य और 1973 विश्व कप में रजत पदक भी जीता।

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