उत्तर प्रदेश

बदले मौसम की मार: वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण के मरीजों की बढ़ी संख्या

डेस्क;नोएडा । मानसून की दस्तक के बाद मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी तेज धूप और उमस तो कभी अचानक होने वाली बारिश ने वायरल संक्रमणों का खतरा बढ़ा दिया है। जिले के सरकारी अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, गले के संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालत यह है कि अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी दोनों में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। बीते शनिवार को जिला अस्पताल में एक ही दिन में 2000 से अधिक मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई, जबकि इमरजेंसी में भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। रविवार को सामान्य ओपीडी बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में मरीज इमरजेंसी वार्ड का रुख कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इन दिनों अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण, सिरदर्द, उल्टी-दस्त और तेज बुखार जैसी शिकायतों से पीड़ित हैं। कुछ मरीजों में डेंगू जैसे शुरुआती लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। चिकित्सकों ने लोगों से बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन नहीं करने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन भी बढ़ जाता है, जिससे डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, पहली बारिश के बाद मरीजों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी गई है। आने वाले दिनों में यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा तो मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
डॉक्टरों की सलाह है कि तेज बुखार, लगातार खांसी या गले में संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाइयों का सेवन न करें। साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं। बारिश के दौरान भीगने से बचें और भीगने पर तुरंत सूखे कपड़े पहनें। घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके। हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन करें तथा पर्याप्त आराम करें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। ऐसे में लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *