बिहार

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बयान देने वाले कांस्टेबल शीष कुमार तिवारी को किया गया सस्पेंड

डेस्क:पटना । भोजपुर में भरत तिवारी की एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर मचे विवाद के बीच पूर्वी चंपारण पुलिस ने मोतिहारी पुलिस लाइंस में तैनात एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि उसने इस मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें कहीं, जो वायरल हो गईं। पुलिस प्रशासन की विभागीय जांच के बाद कॉन्स्टेबल आशीष कुमार तिवारी को सस्पेंड किया गया है। आशीष कुमार तिवारी ने सोशल मीडिया और मीडिया संस्थानों के सामने बयान दिए थे, जिनमें उन्होंने खुद को भरत तिवारी का भाई बताया और एनकाउंटर मामले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की। पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने बताया कि संबंधित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ने इस मामले की जांच की थी।
प्रभात ने अपने लिखित बयान में कहा, “जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद विभाग ने कॉन्स्टेबल को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया।”
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें आशीष कुमार तिवारी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह खुद को बिहार पुलिस का कॉन्स्टेबल बताते हैं और भरत तिवारी की मौत के बारे में टिप्पणी करते हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद मोतिहारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कॉन्स्टेबल को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। हालांकि उनका जवाब संतोषजनक नहीं था, जिसके कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। यह घटनाक्रम भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर चल रही सार्वजनिक और राजनीतिक बहस के बीच हुआ है। भोजपुर जिले में हुए एनकाउंटर की न्यायिक जांच चल रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर कांस्टेबल आशीष तिवारी का व्यवहार पुलिसकर्मियों पर लागू होने वाले सेवा आचरण नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। जांच में कॉन्स्टेबल की पिछली पोस्टिंग के दौरान अनुशासन से जुड़े मामलों पर भी विचार किया गया।
आरोप है कि जनवरी 2023 में हरपुर पुलिस स्टेशन में तैनाती के दौरान आशीष ने नाइट पेट्रोलिंग ड्यूटी के समय एक साथी पुलिस अधिकारी को चाकू से धमकाया था।
अगस्त 2024 में पिपराकोठी पुलिस स्टेशन में तैनाती के दौरान साथियों के साथ दुर्व्यवहार किया और अपनी सर्विस रिवॉल्वर साथी कर्मियों की ओर तान दी। अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्रवाई के दौरान इन पुरानी घटनाओं की भी जांच की गई थी

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