उत्तर प्रदेश

लखनऊ अग्निकांड: अखिलेश यादव बोले, समय पर कार्रवाई होती तो बच सकती थी बच्चों की जान

डेस्क:लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, राहत एवं बचाव कार्यों में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई मासूम बच्चों की जान चली गई। सपा प्रमुख ने मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए कहा कि सरकार इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। सपा मुख्यालय में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि अलीगंज की घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन कराया गया होता और बचाव उपकरण उपलब्ध होते तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि राहत कार्य के दौरान दीवारें तोड़ने के लिए आधुनिक उपकरणों के बजाय हथौड़ों का इस्तेमाल क्यों किया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में इससे पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन उनसे कोई सबक नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता जवाबदेही तय करने के बजाय घटनाओं को दबाने की रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुख नहीं हो सकता और इस पीड़ा को केवल वही परिवार समझ सकता है जिसने अपना लाल खोया हो।
उन्होंने सरकार से मृतक बच्चों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस दौरान अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच पारदर्शी तरीके से नहीं हो रही है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए।
सपा प्रमुख ने कहा कि देश और प्रदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण और पूजा-अर्चना के लिए उदारतापूर्वक दान दिया है। ऐसे में यदि चढ़ावे और दान राशि को लेकर किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े कथित भूमि विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि वहां सत्ताधारी दल के भीतर ही मतभेद और टकराव की स्थिति दिखाई दे रही है, जिसके कारण इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, भाजपा द्वारा अन्य दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिशों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक विस्तार के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों की पक्षधर है और प्रदेश में सरकार बनने पर जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।

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