उत्तर प्रदेश

अयोध्या: राम लला को लगा दुनिया के सबसे मंहगे आम ‘जापानी मियाज़ाकी’का भोग!

अयोध्या : अयोध्या में पहली बार दुनिया का सबसे महंगा आम, जापानी मियाज़ाकी, भगवान राम को चढ़ाया गया है। इस आम को ‘सूर्य का अंडा’ (Egg of the Sun) के नाम से भी जाना जाता है।

यह दुर्लभ आम अयोध्या के ही एक स्थानीय किसान ने उगाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है। अनुमान है कि इसके एक फल की कीमत करीब 1 लाख रुपये होती है, जो इसे दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्मों में से एक बनाता है। बता दें कि इतने पैसे में तो टाटा की नैनो या लग्जरी बाइक खरीद सकते हैं।

 

एक पेड़ ने किसान को बनाया लखपति

 

सोमवार को स्थानीय परंपराओं के अनुसार, इस फल को तुलसी दल के साथ भगवान को अर्पित किया गया। इस मियाज़ाकी आम को किसान ओमप्रकाश सिंह ने उगाया है। उन्होंने करीब दो साल पहले यह देखने के लिए पेड़ लगाया था कि क्या यह अयोध्या की जलवायु में पनप सकता है। सिंह के मुताबिक, पेड़ यहां के माहौल में सफलतापूर्वक ढल गया और इस सीजन में लगभग एक दर्जन फल दिए।

 

 क्या है इस आम का राज़?

 

सिंह ने बताया कि मियाज़ाकी आम अपनी असाधारण मिठास, हाई फाइबर और पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है।

सिंह ने कहा, “यह जापान का बहुत मशहूर आम है जिसे मियाज़ाकी कहते हैं। यह दुनिया का सबसे महंगा आम है। यह दूसरी किस्मों से कहीं ज़्यादा मीठा होता है, इसमें फाइबर भरपूर होता है और यह विटामिन से भी भरा होता है।

किसान ने बताया कि करीब दो साल पहले यह पेड़ यह देखने के लिए लगाया था कि अयोध्या की जलवायु में यह टिक पाएगा या नहीं। इसमें करीब एक दर्जन फल लगे हैं, जिनका वज़न 150 से 300 ग्राम के बीच है।

परंपरा के अनुसार, पहला पका आम भगवान को चढ़ाया गया। मियाज़ाकी के अलावा, मैं थाईलैंड का ‘बनाना मैंगो’, ऑस्ट्रेलिया का ‘R2E2’ और ‘चौसा’ और ‘दशहरी’ जैसी भारतीय किस्में भी उगा रहा हूं।”

 

अयोध्या में लगीं विदेशी आम की किस्में

 

किसान ने बताया कि हर फल का वजन 150 से 300 ग्राम के बीच था और परंपरा के अनुसार, पहली फसल अपने गुरु के माध्यम से देवता को समर्पित की गई।

मियाज़ाकी के अलावा, सिंह के बाग में थाईलैंड के ‘बनाना मैंगो’, ऑस्ट्रेलिया के ‘R2E2’ और ‘चौसा’ व ‘दशहरी’ जैसी कई देसी-विदेशी आम की किस्में भी हैं।

ओमप्रकाश सिंह के बाग के दौरे पर महंत सीताराम दास जी महाराज ने पहली फसल भगवान को चढ़ाने की परंपरा पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सीजन का पहला फल होने के नाते, इसे भगवान को अर्पित करना उचित था। मियाज़ाकी आम की अनोखी बनावट की तारीफ करते हुए महंत जी ने कहा कि फल का रंग ब्रह्मांड को रोशन करने वाले सूर्य देव जैसा है।

 

 अद्भुत है यह जापानी आम

अयोध्या में इस प्रीमियम जापानी किस्म की खेती ने बागवानी के शौकीनों और भक्तों का ध्यान समान रूप से खींचा है, जो इस क्षेत्र के कृषि परिदृश्य में एक अनूठी उपलब्धि है।

महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा, “आम तो फलों का राजा है। आज हम ओम प्रकाश जी के बाग में ‘मियाज़ाकी’ देखने आए, जो जापान का मशहूर और दुनिया का सबसे महंगा आम है। फल पका और पहला भोग भगवान को लगाया गया। यह हमारी परंपरा है कि सब कुछ पहले भगवान को अर्पित किया जाता है। यह वाकई अद्भुत है; इसका रंग सूर्य देव जैसा है। यह सीज़न का पहला फल है और इसे भगवान को चढ़ाया गया है। भगवान की कृपा से, और भी बहुत फल उगेंगे और प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाएंगे। यह पहली बार है कि अयोध्या में यह फल उगा है। इससे बड़ी सौभाग्य की बात क्या हो सकती है? मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि अयोध्या इसी तरह अपना गौरव बढ़ाती रहे।”

 

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