डेस्क: स्टारबक्स (Starbucks) भारत (India) में अपना पहला बड़ा कॉर्पोरेट ऑफिस (Corporate Office) खोलने की तैयारी कर रही है। यह कदम कंपनी के वैश्विक पुनर्गठन और लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। नया ऑफिस मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी (Technology) और इंजीनियरिंग (Engineering) से जुड़े काम संभालेगा और इसके अक्टूबर 2026 से शुरू होने की संभावना है।
टेक और इंजीनियरिंग पर रहेगा फोकस
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नया ऑफिस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करेगा। कंपनी भारत को एक बड़े टेक टैलेंट हब के रूप में देख रही है, जहां मजबूत इंजीनियरिंग स्किल्स उपलब्ध हैं।
हायरिंग कैसे होगी?
सूत्रों के मुताबिक, इस साल के अंत तक ऑफिस की लोकेशन फाइनल होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कंपनी टेक और इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स को सीधे तौर पर नियुक्त करेगी। इसका मकसद बाहरी टेक कंपनियों पर निर्भरता कम कर इन-हाउस टीम को मजबूत करना है।
खर्च घटाने और कंट्रोल बढ़ाने की रणनीति
स्टारबक्स के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी आनंद वरदराजन के अनुसार, कंपनी अब थर्ड-पार्टी टेक कंपनियों पर निर्भरता कम करना चाहती है। इससे न केवल लागत घटेगी बल्कि टेक ऑपरेशंस पर कंपनी का नियंत्रण भी बढ़ेगा।
भारत क्यों चुना गया?
भारत को इस विस्तार के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां पहले से ही स्टारबक्स के कई टेक पार्टनर्स काम कर रहे हैं। कंपनी मानती है कि भारत में कुशल इंजीनियरों की बड़ी उपलब्धता इसे टेक हब बनाने में मदद करती है। हालांकि ऑफिस किस शहर में खुलेगा, यह अभी तय नहीं हुआ है।
वैश्विक बदलावों के बीच फैसला
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब Starbucks दुनिया भर में करीब 2 अरब डॉलर की लागत घटाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी कई टीमों का पुनर्गठन कर रही है और कुछ विभागों को शिफ्ट भी किया जा रहा है।
छंटनी और पुनर्गठन की स्थिति
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने लगभग 20% टेक कर्मचारियों को अमेरिका के नैशविले ऑफिस में ट्रांसफर करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, पिछले कुछ समय में 2,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी भी की गई है। हाल ही में करीब 300 कॉर्पोरेट पद भी प्रभावित हुए हैं।
फिलहाल भारत में Starbucks, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ मिलकर टाटा स्टारबक्स के जरिए कैफे संचालन कर रही है। लेकिन नया टेक ऑफिस भारत में कंपनी का पहला स्वतंत्र कॉर्पोरेट टेक सेंटर होगा, जो सीधे ग्लोबल ऑपरेशंस से जुड़ा रहेगा।

