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लेडी गैंग ने लाठी डंडों से तोड़ा ठेका, शराब की बोतलें लूटकर कही ये बात

डेस्क: मध्य प्रदेश में नई शराब नीति के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा ऐसा भड़का कि अच्छे-अच्छे सूरमाओं के पसीने छूट गए. जी हां, पहले बच्चों ने दुकान के बाहर डांस किया और फिर धावा बोल दिया. महिलाओं ने लाठी-डंडों से दुकान को तहस-नहस कर दिया और जिसके हाथ जो बोतल लगी, वो उसे लेकर रफूचक्कर हो गया. इसे कहते हैं ऑन-द-स्पॉट फुल टू एक्शन, पुलिस अब सीसीटीवी खंगाल रही है, लेकिन लेडीज गैंग ने साफ कह दिया है की अगर दुकान खुली तो खेल फिर यही होगा.
दरअसल, यह पूरी घटना जबलपुर के गोसलपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है, जहां ग्रामीण महिलाओं और बच्चों ने मिलकर एक नई आबकारी दुकान पर धावा बोल दिया. विरोध का यह तरीका इतना आक्रामक था कि जिसने भी देखा, वह दंग रह गया. ग्रामीणों ने न सिर्फ दुकान में तोड़फोड़ की, बल्कि जिसके हाथ जो शराब की बोतल लगी, वह उसे लूट कर रफूचक्कर हो गया.
गोसलपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत हृदयनगर के धमधा गांव (बरनू तिराहा) में हाल ही में आबकारी विभाग द्वारा एक नई शराब दुकान खोली गई थी. गांव की महिलाएं, युवा और बच्चे अचानक इस दुकान के बाहर जमा हो गए. शुरुआत में माहौल भांपने के लिए बच्चे दुकान के सामने कुछ देर तक डांस करते रहे, जिससे वहां मौजूद स्टाफ को भनक तक नहीं लगी कि आगे क्या होने वाला है. लेकिन कुछ ही मिनटों में यह शांति एक बड़े गदर में बदल गई. महिलाओं ने हाथों में लाठियां और पत्थर लेकर दुकान पर सीधा हमला बोल दिया.

ग्रामीण महिला राजकुमारी बाई का कहना है कि जब-जब इस दुकान में शराब की खेप आएगी, हम इसी तरह आकर दुकान खाली कर देंगे. दो दिन के भीतर अगर यह ठेका बंद नहीं हुआ, तो इससे भी खौफनाक अंजाम भुगतना होगा. वहीं, रामप्यारी बाई नाम की महिला का कहना है कि शराब दुकान पास होने से उसका पति रोज शराब पीकर घर आता है और मारपीट करता है रोज-रोज की मारपीट से परेशान हो चुकी है, महिला का यह भी आरोप है कि पति बालकिशन घर के सोने चांदी से लेकर सामान तक बेच देता है जिससे वह शराब पी सके. इसलिए महिला ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि यहां शराब दुकान बंद की जाए.
दुकान संचालक के मुताबिक, भीड़ का गुस्सा सातवें आसमान पर था. दुकान में घुसते ही महिलाओं और बच्चों ने काउंटर को तहस-नहस कर दिया और रैक में सजी शराब की बोतलें उठानी शुरू कर दीं. देखते ही देखते पूरी दुकान खाली हो गई. जाते-जाते महिलाओं ने शराब ठेकेदार के कारिंदों को दो टूक लहजे में ओपन चैलेंज दे डाला. शराब दुकान के संचालक संतोष जायसवाल ने इस पूरी लूटपाट की शिकायत गोसलपुर थाने में दर्ज कराई है. संचालक का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल लाखों रुपये की शराब लूटी और तोड़फोड़ की, बल्कि काउंटर के गल्ले में रखी दिनभर की बिक्री की नगद राशि भी समेट कर ले गए. घटना की लाइव तस्वीरें दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई हैं.
इस पूरे तांडव के पीछे प्रशासनिक लापरवाही की एक बड़ी कहानी है. दरअसल, जिस बरनू तिराहे पर यह दुकान खोली गई है, वह गांव की महिलाओं, बेटियों और स्कूली बच्चों का मुख्य आवागमन मार्ग है. ग्रामीणों ने पहले ही स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग को लिखित अल्टीमेटम दिया था कि यहां शराबियों का जमावड़ा होने से महिलाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी और छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ेंगी. इसके बावजूद, राजस्व के लालच में आबकारी अमले ने ग्रामीणों की गुहार को अनसुना कर दिया. आखिरकार, प्रशासन की इसी बेरुखी ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया.
हंगामे की खबर मिलते ही सिहोरा आबकारी वृत्त निरीक्षक और गोसलपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उपद्रवी जा चुके थे. पुलिस ने ठेकेदार की शिकायत पर अज्ञात महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. अब खाकी सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उन चेहरों की शिनाख्त करने में जुटी है, जिन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया. बहरहाल, इस घटना ने साफ कर दिया है कि नई शराब नीति को लेकर जमीनी स्तर पर जनता का आक्रोश किस हद तक बढ़ चुका है.

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