दरभंगा : कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा “मेंटल रिलीफ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान कर मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ना था।
कार्यक्रम के प्रारम्भ ‘मानसिक राह’मानसिक राहत’ के लिए NSS स्वयंसेवकों को पाँच मिनट का ध्यान (Meditation) कराया गया, जिसमें उन्हें केवल अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया गया। इस ध्यान प्रक्रिया से उपस्थित विद्यार्थियों ने अत्यंत शांत एवं सकारात्मक अनुभव प्राप्त किया। इसके उपरांत सभी स्वयंसेवकों ने ईश्वर, माता-पिता एवं गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इसके पश्चात पाँच मिनट की “Laughing Therapy” आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने खुलकर ठहाके लगाए। वातावरण को आनंदमय बनाने के लिए “रावण जैसी हँसी” हँसने का भी निर्देश दिया गया, जिससे पूरा परिसर उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा।
इस अवसर पर ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. राम निहोरा राय ने कहा कि मानसिक शांति और प्रसन्नता जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ध्यान एवं हास्य व्यक्ति को भीतर से सशक्त बनाते हैं तथा विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
डॉ. अवधेश कुमार श्रोत्रिय ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव के बीच ऐसे कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि हँसी और ध्यान दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य के सरल एवं प्रभावी उपाय हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि NSS केवल सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी सशक्त मंच है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मिक संतुलन एवं सामाजिक सकारात्मकता प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना स्नातकोत्तर इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. साधना शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में कुछ क्षण ऐसे होने चाहिए जहाँ वे तनाव से दूर होकर स्वयं को प्रसन्न और ऊर्जावान महसूस कर सकें। यही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के डॉ. निशिकांत सिंह द्वारा सूचना प्रदान की गई कि लगभग 30 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

