डेस्क: रूस का मालवाहक जहाज Ursa Major दिसंबर 2024 में भूमध्य सागर में डूब गया था। अब इस घटना को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। स्पेन सरकार के एक दस्तावेज के अनुसार जहाज में ऐसे हिस्से मौजूद हो सकते थे जो पनडुब्बियों में इस्तेमाल होने वाले परमाणु रिएक्टरों से जुड़े थे। यह जहाज Saint Petersburg से रूस के पूर्वी शहर Vladivostok जा रहा था। 23 दिसंबर 2024 को स्पेन और अल्जीरिया के बीच समुद्र में जहाज के इंजन कक्ष में विस्फोट हुआ, जिसके बाद वह डूब गया। हादसे में दो चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी जबकि 14 लोगों को बचा लिया गया था।
स्पेन सरकार के दस्तावेज में कहा गया है कि बचाए जाने के बाद जहाज के कप्तान ने अधिकारियों को बताया था कि जहाज में “पनडुब्बियों में इस्तेमाल होने वाले दो परमाणु रिएक्टरों जैसे उपकरणों के हिस्से” मौजूद थे। यह जानकारी स्पेन की संसद में जमा एक आधिकारिक दस्तावेज में सामने आई है। जहाज की मालिक रूसी सरकारी कंपनी Oboronlogistika ने पहले दावा किया था कि जहाज पर “आतंकी हमला” हुआ था। कंपनी के अनुसार जहाज के पानी की सतह के पास तीन शक्तिशाली विस्फोट हुए थे, जिससे जहाज को भारी नुकसान पहुंचा।
यह कंपनी रूस के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी मानी जाती है और उस पर पहले से ही अमेरिका तथा यूरोपीय संघ (European Union) के प्रतिबंध लगे हुए हैं। इस खुलासे के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है कि क्या जहाज सैन्य या परमाणु तकनीक से जुड़ा संवेदनशील सामान ले जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जहाज में वास्तव में परमाणु रिएक्टरों से जुड़े हिस्से थे, तो यह मामला केवल समुद्री दुर्घटना नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है।

