डेस्क: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया को अपनी सैन्य ताकत दिखाकर दहला दिया है। रूस ने मंगलवार को अपनी नई और घातक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) ‘सरमत’ का सफल परीक्षण किया है। पुतिन ने इस मिसाइल के सफल परीक्षण का स्वागत करते हुए इसे “दुनिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइल” करार दिया है।
दुश्मनों के लिए चेतावनी, परमाणु शक्ति का प्रदर्शन
राष्ट्रपति पुतिन ने दावा किया है कि परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम यह ‘सरमत’ मिसाइल इस साल के अंत तक रूसी सेना के बेड़े में शामिल हो जाएगी। गौर करने वाली बात यह है कि रूस ने यह परीक्षण उस समय किया है जब यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष को पुतिन ‘अंत के करीब’ बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन बार-बार परमाणु हथियारों और ऐसी शक्तिशाली मिसाइलों का प्रदर्शन कर पश्चिमी देशों को सख्त संदेश देना चाहते हैं ताकि वे यूक्रेन की सैन्य मदद बंद कर दें।
सोवियत काल की मिसाइलों की लेगी जगह
यह नई ‘सरमत’ मिसाइल सोवियत संघ के दौर की पुरानी ‘वोयेवोदा’ मिसाइलों का स्थान लेगी। पुतिन ने अपने परमाणु बलों के आधुनिकीकरण के प्रयासों के तहत इस मिसाइल को रूस की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच बताया है।
सामरिक मिसाइल बलों के कमांडर कर्नल जनरल सर्गेई कराकायेव के अनुसार, मिसाइल का आज सफल प्रक्षेपण हुआ। पुतिन के अनुसार, सरमत मिसाइल दुनिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइल प्रणाली है, जिसकी कुल क्षमता किसी भी पश्चिमी समकक्ष की तुलना में चार गुना से अधिक है और इसकी उड़ान सीमा 35,000 किलोमीटर से अधिक है। तास की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने आज सुबह रूसी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, सभी कर्मचारियों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों, रक्षा उद्योग उत्पादन आयोजकों, प्रमुख ठेकेदारों और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि एवं निर्विवाद सफलता में लगे हजारों श्रमिकों को बधाई दी।
परेड में हथियारों की कमी ने चौंकाया
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ रूस नई मिसाइल का परीक्षण कर अपनी ताकत दिखा रहा है, वहीं शनिवार को रेड स्क्वायर पर द्वितीय विश्व युद्ध की जीत की याद में आयोजित सैन्य परेड में दो दशकों में पहली बार भारी हथियार शामिल नहीं थे। पुतिन ने इस परेड के बाद ही घोषणा की थी कि यूक्रेन में संघर्ष जल्द समाप्त होने वाला है। फिलहाल, ‘सरमत’ के सफल परीक्षण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा और चिंता पैदा कर दी है।

