अंतरराष्ट्रीय

बढ़ती महंगाई पर ट्रंप का बड़ा दांव, पेट्रोल-डीजल टैक्स हटाने की तैयारी से जनता को राहत के संकेत

डेस्क: ईरान (Iran) के साथ जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका (America) में ईंधन (fuel) की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) के दामों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने जनता को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार संघीय गैस टैक्स को अस्थायी रूप से खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
जानकारी के मुताबिक युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका में गैस की औसत कीमत करीब 3 डॉलर प्रति गैलन थी, जो अब बढ़कर 4.52 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। यानी ईंधन की कीमतों में करीब 50 फीसदी का इजाफा हुआ है।
संसद की मंजूरी के बाद लागू होगा फैसला
हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप इस टैक्स में राहत देना चाहते हैं, लेकिन इसे लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। अमेरिकी कानून के तहत संघीय गैस टैक्स को निलंबित करने का अधिकार संसद के पास है। राहत की बात यह है कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों के कई सांसद इस प्रस्ताव के समर्थन में दिखाई दे रहे हैं। सांसदों का मानना है कि इससे उन परिवारों और कारोबारियों को राहत मिलेगी, जो रोजमर्रा के काम, स्कूल और ऑफिस जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर हैं।

फिलहाल कितना लगता है टैक्स
अमेरिका में इस समय पेट्रोल पर 18.4 सेंट प्रति गैलन और डीजल पर 24.4 सेंट प्रति गैलन संघीय टैक्स लिया जाता है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के टैक्स भी लागू होते हैं। ट्रंप ने कहा कि भले ही यह राहत छोटी दिखाई दे, लेकिन आम नागरिकों के लिए हर बचत मायने रखती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस टैक्स से हर साल करीब 23 बिलियन डॉलर का राजस्व मिलता है, जिसका इस्तेमाल सड़क निर्माण और सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं में किया जाता है।
तेल संकट से निपटने की कोशिश तेज
ईंधन संकट को कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन पहले ही सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व से लाखों बैरल तेल जारी कर चुका है। इसके साथ ही रूसी और ईरानी तेल शिपमेंट पर लगाए गए कुछ अस्थायी प्रतिबंधों में भी ढील दी गई है। अमेरिका अब अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर भी रणनीति बना रहा है। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *