डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर ईरान (Iran) को अपने आक्रामक तेवर दिखाए हैं। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (‘Truth Social’) पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने तेहरान को सीधी चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान दशकों से अमेरिका का मजाक उड़ा रहा है, लेकिन अब उसकी हंसी गायब होने वाली है। यह बयान तब आया है जब तेहरान ने वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब भेजने का दावा किया।
देरी की राजनीति अब नहीं चलेगी: ट्रंप
ट्रंप ने ईरान पर पिछले 47 साल से ‘देरी करो, देरी करो और देरी करो’ की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान अब अमेरिका और पूरी दुनिया के साथ खेल नहीं खेल पाएगा। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में लिखा कि ईरान हमारे महान देश पर हंस रहा था, लेकिन अब ऐसा और नहीं होगा। ट्रंप का यह बयान सीधे तौर पर ईरान के उस जवाब के बाद आया है, जिसे पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है।
शांति प्रस्ताव पर तेहरान की शर्तें
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने अपने जवाब में युद्ध रोकने की बात कही है। ईरान चाहता है कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर संघर्ष विराम हो। साथ ही, उसने होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की शर्त रखी है। अमेरिका ने पहले यह प्रस्ताव दिया था कि अन्य संवेदनशील मुद्दों जैसे परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने से पहले दोनों देश शत्रुता समाप्त करें। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक ईरान के इस जवाब पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ओबामा पर भी बरसे ट्रंप
इस दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि ओबामा प्रशासन के दौरान हुआ परमाणु समझौता ईरान के लिए जीवनदान जैसा था। ट्रंप के अनुसार, उस वक्त की नीतियों ने ईरान को बहुत शक्तिशाली बना दिया था। अब ट्रंप इस स्थिति को पूरी तरह बदलने के मूड में दिख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान 47 साल से अमेरिका और बाकी दुनिया के साथ खेल खेल रहा है और आखिरकार उसे तब बड़ी सफलता मिली जब ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने। वह न सिर्फ उनके लिए अच्छे थे, बल्कि बहुत ही बेहतरीन थे; असल में वह उन्हीं के पक्ष में चले गए। इस्राइल और बाकी सहयोगियों को नजरअंदाज कर दिया। सैकड़ों अरब डॉलर, और 1.7 अरब डॉलर की नकद रकम विमान से तेहरान भेजी गई, और उन्हें थाली में सजाकर सौंप दी गई। अब सबका हिसाब होगा।

