डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम (To Lam) की अहम बैठक के बाद भारत और वियतनाम (India and Vietnam) के रिश्तों में नया अध्याय जुड़ गया है। दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘एन्हैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया है। साथ ही वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया गया है।
बढ़ते वैश्विक तनाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते समीकरणों के बीच हुई इस बैठक में व्यापार, रक्षा, डिजिटल तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर
दोनों देशों के बीच कुल 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगी। इनमें डिजिटल पेमेंट सिस्टम, रेयर अर्थ मिनरल्स, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, बैंकिंग और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन समझौतों का मकसद आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना बताया गया है।
बैठक के दौरान दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की जरूरत पर सहमति जताई।
भारत पहुंचे राष्ट्रपति तो लाम
हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति बने To Lam ने अपनी पहली राजकीय विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना। वह तीन दिवसीय दौरे पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक दशक पहले वियतनाम ASEAN क्षेत्र में भारत का पहला व्यापक रणनीतिक साझेदार बना था और तब से रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं।
व्यापार बढ़ाने पर खास फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत-वियतनाम व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। अब इसे 2030 तक 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि नए समझौते आर्थिक सहयोग को नई गति देंगे।
उन्होंने बताया कि दवा नियामक संस्थाओं के बीच हुए समझौते से वियतनाम में भारतीय दवाओं की पहुंच बढ़ेगी। वहीं कृषि और पशु उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिसमें अंगूर और अनार जैसे उत्पाद शामिल हैं।
UPI और डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर
दोनों देशों ने भारत के UPI सिस्टम और वियतनाम के फास्ट पेमेंट प्लेटफॉर्म को जोड़ने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई। इसके अलावा भारत-ASEAN व्यापार समझौते को आधुनिक जरूरतों के मुताबिक अपडेट करने पर भी चर्चा हुई।
क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
आतंकवाद और सुरक्षा मुद्दों पर समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन देने और पहलगाम हमले की निंदा करने के लिए वियतनाम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत और वियतनाम तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और आपसी साझेदारी दोनों देशों के विकास को नई दिशा देगी।

