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शिक्षा मित्रों को ‘ट्रेड यूनियन शैली’ छोड़नी चाहिए, CM योगी ने ऐसा क्यों कहा

डेस्क: आज यानी 5 मई को गोरखपुर में एक समारोह आयोजित किया गया था। शिक्षा मित्रों के सम्मान में यह समोराह आयोजित किया गया था। इस समारोह को संबोधित करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा मित्रों को अपनी मांग रखते समय उन्हें टकराव करने की जगह बातचीत करना चाहिए और एक रचनात्मक दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए। उन्होंने साथ में ही शिक्षा मित्रों से ट्रेड यूनियन वाली शैली को छोड़ने के लिए कहा। CM योगी ने कहा, ‘कई सालों से आपकी जो मांगे थी, उन्हें टकराव के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। इसकी जगह हमें बातचीत के जरिए किसी भी समाधान की तरफ बढ़ना चाहिए।’

बता दें कि गोरखपुर में शिक्षा मित्रों के सम्मान में जो समारोह आयोजित हुआ था वो राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से चलाए जा रहे प्राथमिक विद्यालयों में काम करने रहे 1.43 लाख शिक्षा मित्रों के मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किए जाने के अवसर पर था। इस दौरान सीएम योगी ने पिछले सरकारों की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकारों ने नियमों का उल्लंघन किया और जरूरी नियम बनाए बिना उन्हें मान्यता देने की कोशिश की। ऐसे मनमाने कार्यों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश दे दिया।’
इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, ‘इस कारण हमें एक गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा। इस वजह से करीब 1.5 लाख परिवारों की आजीविका छिनने का खतरा था। ऐसे में वो कहां जाते। इसी कारण हमारी सरकार ने उनकी सेवा खत्म नहीं करने का फैसला लिया और साथ ही उनका मानदेय भी बढ़ाया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘साल 2017 में हमने शिक्षा मित्रों का मानदेय 3,500 से बढ़ाकर 10 हजार किया।’

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