डेस्क: नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और अमेरिका-ईरान (US-Iran) के बीच संघर्ष विराम (Ceasefire) अब दबाव में दिखाई दे रहा है. होर्मुज (Hormuz) में दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि सीजफायर अभी भी लागू है या नहीं. इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागे गए 19 मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जबकि फुजैरा क्षेत्र के एक तेल बंदरगाह पर ड्रोन हमले के बाद आग लगने की भी खबर है. ईरान ने इन हमलों पर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
ईरान-अमेरिका का सीजफायर टूट गया?
इन घटनाओं की कई देशों- जैसे कतर, जॉर्डन, सऊदी अरब, कुवैत और यूरोपीय संघ ने निंदा की है. ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया गया, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा. यह बयान उस समय आया, जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान की मिसाइलों ने एक अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया, हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज कर दिया. अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि उसने ईरान की कुछ छोटी नौकाओं को डुबो दिया, जो व्यापारिक जहाजों के रास्ते में बाधा डाल रही थीं. वहीं डेनमार्क की शिपिंग कंपनी माएर्स्क ने बताया कि उसका एक जहाज अमेरिकी सुरक्षा के बीच सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग से गुजर गया.
अर्थव्यवस्था पर भी असर
इस तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और शेयर बाजार में गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह जलमार्ग बंद रहा, तो अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 5 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती है. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि यह संकट सैन्य तरीके से हल नहीं हो सकता. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत आगे बढ़ रही है और सभी पक्षों को स्थिति को और बिगड़ने से बचाना चाहिए. उधर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को मिनी वॉर कहा है क्योंकि ईरान उनके सामने छोटा है.
ईरान का यूएई पर हमले से इनकार
ईरान के सैन्य सूत्रों का कहना है कि संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमले ईरान ने नहीं किए. ईरान के सैन्य अधिकारियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यूएई को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं थी और ये हमले ईरान की जमीन से नहीं किए गए. यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज में तनाव बढ़ा हुआ है और अमेरिका अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए वहां तैनाती बढ़ा रहा है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड पहले ही कह चुकी है कि वह अपने विरोधियों से जुड़े जहाजों को इस जलमार्ग से आसानी से गुजरने नहीं देगी.
ईरान की ताकत परखने के लिए होर्मुज में है अमेरिका: एक्सपर्ट
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप का ऑपरेशन फ्रीडम असल में ईरान की ताकत को परखने की कोशिश है. उनके मुताबिक ट्रंप यह देखना चाहते हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी जहाजों के लिए कितनी मजबूती से बंद रख सकता है. यह रास्ता बहुत संकरा है, इसलिए अगर अमेरिकी सुरक्षा में ज्यादा जहाज यहां से गुजरने लगते हैं, तो अमेरिका को बढ़त मिल सकती है. इससे अमेरिका ईरान पर दबाव बना सकता है और बातचीत में फायदा उठा सकता है. अभी स्थिति ऐसी है कि अमेरिकी समर्थन वाले जहाज गुजरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ईरान के जहाजों को मुश्किल हो रही है. उनके अनुसार यह पूरी रणनीति दोनों पक्षों के बीच दबाव बनाने की है, ताकि बातचीत आगे बढ़ सके.
कमजोर हुआ ईरान-अमेरिका का सीजफायर
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच हुआ संघर्ष विराम अब कमजोर स्थिति में है. बताया जा रहा है कि ईरान के अंदर सख्त रुख रखने वाले और नरम रुख वाले नेताओं के बीच मतभेद हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है. अब इस सीजफायर का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या होता है. अगर वहां हालात बिगड़ते हैं, तो संघर्ष फिर से बढ़ सकता है.
ईरान के यूएई पर हमले, 3 भारतीयों की मौत
ईरान ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात में कुछ ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए, ऐसा अधिकारियों ने बताया. यूएई ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के 19 मिसाइल और ड्रोन को रोकने की कोशिश की. हालांकि फुजैरा ऑयल इंडस्ट्री जोन में एक ड्रोन हमले के बाद बड़ी आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए. उनकी हालत मध्यम बताई जा रही है.

