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फुटबॉल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हुआ खत्म, फ्रेंको बारेसी के निधन पर दुनिया भर में शोक

डेस्क: विश्व फुटबॉल(world football) के इतिहास (mentioned)में जब भी महान डिफेंडरों का नाम लिया जाएगा तब फ्रेंको बारेसी (Franco Baresi’s)का नाम हमेशा सबसे सम्मान के साथ लिया जाएगा। इटली के पूर्व कप्तान(former Italy captain) और एसी मिलान की पहचान बन चुके फ्रेंको बारेसी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की […]

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फुटबॉल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हुआ खत्म, फ्रेंको बारेसी के निधन पर दुनिया भर में शोक डेस्क: विश्व फुटबॉल(world football) के इतिहास (mentioned)में जब भी महान डिफेंडरों का नाम लिया जाएगा तब फ्रेंको बारेसी (Franco Baresi’s)का नाम हमेशा सबसे सम्मान के साथ लिया जाएगा। इटली के पूर्व कप्तान(former Italy captain) और एसी मिलान की पहचान बन चुके फ्रेंको बारेसी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों में शोक की लहर दौड़ गई। एसी मिलान ने आधिकारिक बयान जारी कर अपने सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल बारेसी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि क्लब ने सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि अपनी आत्मा को खो दिया है। फ्रेंको बारेसी का पूरा करियर समर्पण अनुशासन और वफादारी का प्रतीक रहा। ऐसे दौर में जब खिलाड़ी बेहतर अनुबंध और बड़ी रकम के लिए क्लब बदलते रहते हैं तब बारेसी ने अपने पूरे पेशेवर करियर में केवल एसी मिलान की जर्सी पहनी। उन्होंने 1974 में क्लब की युवा अकादमी से सफर शुरू किया और 1978 में सीनियर टीम में पदार्पण किया। इसके बाद लगभग दो दशकों तक उन्होंने एसी मिलान की रक्षा पंक्ति को मजबूती प्रदान की और क्लब को कई ऐतिहासिक सफलताएं दिलाईं। महज 22 वर्ष की उम्र में उन्हें टीम का कप्तान बना दिया गया था। कप्तान के रूप में उन्होंने अपने नेतृत्व कौशल से पूरी टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एसी मिलान के लिए उन्होंने 719 मुकाबले खेले जो लंबे समय तक क्लब का रिकॉर्ड रहा। उनके सम्मान में क्लब ने उनकी प्रतिष्ठित नंबर 6 जर्सी को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया जो किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। फ्रेंको बारेसी ने डिफेंडर की भूमिका को नई पहचान दी। उनकी बेहतरीन पोजिशनिंग खेल को पढ़ने की क्षमता और शांत स्वभाव उन्हें दुनिया के बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता था। पाओलो माल्डिनी माउरो टैसोटी और एलेसांद्रो कोस्टाकुर्ता के साथ उन्होंने ऐसी रक्षापंक्ति बनाई जिसे फुटबॉल इतिहास की सबसे मजबूत डिफेंस लाइन में गिना जाता है। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत एसी मिलान ने छह सीरी ए खिताब और तीन यूरोपीय कप जीतकर यूरोपीय फुटबॉल में अपना दबदबा कायम किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका योगदान बेहद यादगार रहा। वे 1982 में विश्व कप जीतने वाली इटली की टीम का हिस्सा थे। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी संभाली और 1994 फीफा विश्व कप में इटली को फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के कारण उनका दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया लेकिन उनके प्रदर्शन की आज भी मिसाल दी जाती है। पिछले वर्ष उनके फेफड़े में गांठ मिलने के बाद सर्जरी हुई थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी नहीं बनाई। वे लगातार एसी मिलान के मुकाबलों में दिखाई देते रहे और खेल से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे। हाल ही में आयोजित विंटर ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भी उन्होंने मशाल लेकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। फ्रेंको बारेसी सिर्फ एक महान फुटबॉलर नहीं बल्कि अनुशासन समर्पण और खेल भावना की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने यह साबित किया कि महान खिलाड़ी केवल ट्रॉफियों से नहीं बल्कि अपने चरित्र और मूल्यों से भी पहचाने जाते हैं। उनका जाना फुटबॉल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है लेकिन उनकी उपलब्धियां और प्रेरणादायक विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।

डेस्क: विश्व फुटबॉल(world football) के इतिहास (mentioned)में जब भी महान डिफेंडरों का नाम लिया जाएगा तब फ्रेंको बारेसी (Franco Baresi’s)का नाम हमेशा सबसे सम्मान के साथ लिया जाएगा। इटली के पूर्व कप्तान(former Italy captain) और एसी मिलान की पहचान बन चुके फ्रेंको बारेसी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की […]

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सीडब्ल्यूजी 2026 में भारत का दमदार पंच, लवलीना सहित 10 मुक्केबाज पहुंचे फाइनल

डेस्क: कॉमनवेल्थ गेम्स(Commonwealth Games) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों( Indian boxers)ने शानदार प्रदर्शन(magnificent performance) करते हुए एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। ग्लासगो में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत के दस मुक्केबाजों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। अब पूरा देश इन खिलाड़ियों से स्वर्ण […]

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पाकिस्तान को लगा बड़ा झटका, वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर हुए शान मसूद

डेस्क:पाकिस्तान को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज शान मसूद चोट के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए हैं। शान मसूद को उंगली की चोट की वजह से दूसरे टेस्ट से बाहर होना पड़ा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली […]

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CWG 2026: सिल्वर-ब्रॉन्ज जीतने के बावजूद मेडल टैली में दो पायदान नीचे खिसका भारत, ऑस्ट्रेलिया टॉप पर बरकरार

डेस्क:कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आठवां दिन भारत के लिए अच्छा रहा। देश की झोली में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आया। हालांकि, दो मेडल जीतने के बावजूद मेडल टैली में भारत को दो पायदान का नुकसान झेलना पड़ा है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब भारत के कुल 17 मेडल हो गए हैं, जिसमें 3 […]

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रियल मैड्रिड ने लेवांते के स्ट्राइकर कार्लोस एस्पी को किया साइन, 5 साल का हुआ करार

डेस्क:मैड्रिड । रियल मैड्रिड फुटबॉल क्लब ने लेवांते से स्ट्राइकर कार्लोस एस्पी को लगभग 25 मिलियन यूरो की फीस पर साइन किया है। इस बात की जानकारी रियल मैड्रिड ने अपनी वेबसाइट पर दी है। क्लब ने बताया, “रियल मैड्रिड और लेवांते के बीच डील पक्की हो गई है। लेवांते के खिलाड़ी कार्लोस एस्पी अब […]

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वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप: भारतीय पुरुष टीम को ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष, सेमीफाइनल में अमेरिका ने मारी बाजी

डेस्क:वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम को लगातार दूसरी बार ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। सेमीफाइनल में भारतीय टीम को अमेरिका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। शुरुआती कड़े मुकाबले में गुरवीर सिंह को ब्रेंडन टैग्लियारिनी ने 7-11, 12-10, 9-11, 7-11 से हराया, जबकि नंबर 1 खिलाड़ी आर्यवीर […]

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कॉमनवेल्थ गेम्स: चार साल के बेटे की मां और पीएचडी स्कॉलर सीमा कालीरमन ने दिलाया ब्रॉन्ज मेडल

डेस्क:बड़ी पुरानी कहावत है, ‘जहां चाह वहां राह’। यह लाइनें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली एथलीट सीमा कालीरमन पर फिट बैठती हैं। चार साल के बेटे की जिम्मेदारी, पीएचडी की पढ़ाई के साथ खेल के प्रति ऐसा जुनून उन्हें बाकी एथलीटों से अलग बनाता है। सीमा […]

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लवप्रीत सिंह: आर्थिक तंगी और ‘संघर्ष की तपस्या’ में तपकर चमका दर्जी पिता का बेटा, यादगार प्रदर्शन कर जीता सिल्वर मेडल

डेस्क:नई दिल्ली । ‘रात नहीं ख्वाब बदला है, मंजिल नहीं कारवां बदलता है, जज्बा रखो जीतने का क्योंकि किस्मत बदले न बदले, पर वक्त जरूर बदलता है।’ यह लाइनें पूरी तरह से भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह पर फिट बैठती हैं। आर्थिक तंगी और संघर्ष की तपस्या में तपकर लवप्रीत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मंच पर […]

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स्टीफन फ्लेमिंग से कभी मिला नहीं, लेकिन उनके बारे में अच्छी बातें सुनी हैं: ओली रोबिन्सन

डेस्क:इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को अपना नया टेस्ट हेड कोच नियुक्त किया है। फ्लेमिंग की नियुक्ति को लेकर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रोबिन्सन का कहना है कि उन्होंने फ्लेमिंग के बारे में काफी अच्छी बातें सुनी हैं। टेस्ट क्रिकेट में खराब दौर से गुजर रही इंग्लैंड टीम […]