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उज़्बेकिस्तान : भारत में बने कफ सिरप को पीने से 18 बच्चों की मौत, नोएडा की दवा कंपनी पर लगा आरोप

डेस्क : उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत भारत में बनी कफ सिरप के पीने से हो गई. इसके बाद भारत ने मंगलवार को नोएडा स्थित एक दवा निर्माता कंपनी की जांच शुरू कर दी है. मंगलवार को कहा गया कि कई बच्चों को मैरियन बायोटेक द्वारा बनाई गई Doc-1 मैक्स टैबलेट और सिरप दिया गया था जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

“एसएसएस ने ताशकंद से उर्दूपॉइंट न्यूज / स्पुतनिक को दिए बयान में कहा है कि “Doc-1 मैक्स दवा लेने के बाद 18 बच्चों की मौत को लेकर, कुरामैक्स मेडिकल कंपनी और राज्य-केंद्र के विशेषज्ञों और दवाओं के मानकीकरण के अधिकारियों के खिलाफ एक आपराधिक मामला शुरू किया गया है, जिसमें आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 186-3 के तहत (शक्तिशाली पदार्थों वाली दवाओं की खुदरा बिक्री के आदेश का उल्लंघन) का आरोप लगाया गया है.

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लैब टेस्ट के दौरान कफ सिरप में केमिकल इथाइलीन ग्लाइकॉल पाया गया.ये वही केमिकल है जो कफ सिरप में मिला है और इसके जहरीला होने के बात कही गई है. पहले भी गाम्बिया में बच्चों की कफ सिरप पीने से हुई मौत में कफ सिरप में यही केमिकल मिला था. इसी केमिकल वाले कफ सिरप को लेकर एक अन्य भारतीय कंपनी – हरियाणा स्थित मेडेन फार्मा – जांच के दायरे में है. गाम्बिया में मेडन के कफ सिरप से 70 मौतें हुईं थी, लेकिन जांच में ये बात स्पष्ट नहीं हो पाई थी.

डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) अत्यधिक जहरीले रंगहीन और चिपचिपे तरल पदार्थ हैं जिनका स्वाद मीठा होता है. रोग नियंत्रण केंद्रों के अनुसार, डीईजी और ईजी अक्सर ग्लिसरीन में जहरीले तत्व के रूप में पाए जाते हैं, जिसका उपयोग कई फार्मास्युटिकल कंपनी सिरप के निर्माण में स्वीटनर के रूप में करती हैं.

केंद्रीय औषधि नियामक की टीम ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश औषधि लाइसेंसिंग प्राधिकरण से जांच शुरू करने के लिए संपर्क किया.संबंधित दवाओं के नमूने लेने के लिए उत्तर क्षेत्र की केंद्रीय औषधि नियामक टीम और राज्य औषधि नियामक टीम द्वारा एक संयुक्त निरीक्षण किया गया था. राज्य औषधि नियामक प्राधिकरण के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की.

”एके जैन, डिप्टी कमिश्नर, ड्रग्स कंट्रोलिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश ने कहा, फिलहाल जांच के संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी गई है. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मैरियन बायोटेक की नोएडा स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का मंगलवार देर रात तक जांच नहीं किया गया था.

केंद्रीय औषधि नियंत्रक कार्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि “निर्यात किए गए कफ सिरप के बैच से नमूने (कच्चे माल सहित) उठा लिए गए हैं.परीक्षण केंद्र सरकार की प्रयोगशाला में आयोजित किया जाएगा और कार्रवाई का कोर्स परीक्षण रिपोर्ट पर निर्भर करेगा. ”

 

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