स्वास्थ्य

World Heart Day : ‘दिल’ को स्वस्थ रखने के सरल उपाय

पकी जीवन शैली का आपके हृदय सहित आपके अंगों के स्वास्थ्य पर भी काफी असर होता है। आपका हृदय स्वास्थ्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप कैसा जीवन व्यतीत करते हैं।

क्या आप जानते हैं?

8 घंटे से कम सोने से आपको दिल की बीमारियां होने का खतरा हो सकता है।
शारीरिक रूप से निष्क्रिय होना आपको धूम्रपान की तुलना में उच्च हृदय जोखिम में डाल सकता है।
अधिक समय तक बैठे रहने से भी हृदय रोगों के होने का खतरा बढ़ सकता है।
हमारा दिल प्रतिदिन करीबन 115,000 बार धड़कता है और करीबन 2,000 गेलन रक्त पम्प करता है।

एक निष्क्रिय जीवन शैली का अर्थ होता है आपका अस्वस्थ होना। हालांकि, यह गतिहीन जीवन शैली आपके व्यक्तित्व को परिभाषित करने के लिए पर्याप्त नहीं होती। यदि आप अपनी दिनचर्या में मामूली बदलाव करते हैं, तो आप अपने स्वास्थ्य में बड़े सुधारों को नोटिस कर पाएंगे जो धीरे-धीरे एक बेहतर और स्वस्थ शरीर की ओर अग्रसर होंगे।

आप शायद यकीन नहीं करेंगे परन्तु हमारे देश भारत में होने वाली मौतों का प्रमुख कारण हृदय से जुडी बीमारियां हैं। हृदय रोगों के कारण मात्र 26 वर्ष की आयु में मृत्य के आँकड़े में 34% की वृद्धि हुई है।

यह बड़े ही अफसोस की बात है कि दिल की बीमारियाँ आज के दौर में मौतों के प्रमुख कारणों में से हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाकर और कुछ स्वास्थ्य देखभाल युक्तियों (Healthy Heart Tips in Hindi) को अपनाकर आप हृदय रोगों के विकास के जोखिम को कम कर सकते हैं।

आइये जानते हैं कैसे रखें अपने दिल का ख्याल

धूम्रपान न करें
यदि आप अपने आपको हृदय रोगों से दूर रखना चाहते हैं तो सबसे आवश्यक है कि आज ही धूम्रपान बंद करें (यदि आप करते हैं तो)। यदि आप धूम्रपान करने के आदी हैं तो इस दौरान आपको यह लग सकता है कि यह आपको शान्ति प्रदान कर रहा है परन्तु वास्तव में यह किसी भी प्रकार से आपके स्वास्थ्य को सही रखने में मदद नहीं करता। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन कोरोनरी हृदय रोगों के होने के सबसे बड़े कारणों में से एक है। तंबाकू रक्त वाहिकाओं और हृदय को बड़ा नुकसान पहुंचाता है।

यदि आप ह्रदय रोगों से बचाव चाहते है तो आज ही धूम्रपान छोड़ दें और उसके स्थान पर निकोटीन पैच या च्यूइंग गम का उपयोग करके धूम्रपान को जल्द से जल्द छोड़ सकते हैं।

व्यायाम करें
यदि आप नियमित व्यायाम करते हैं तो आपको इसके फायदों के बारे में अवश्य पता होगा। उनमें से एक है- यह दिल के दौरे के जोखिम को कम करता है। अगर आप रोजाना व्यायाम करते हैं, तो न केवल आपका शरीर टोंड रहेगा बल्कि आप लंबे समय तक स्वस्थ भी रहेंगे।

शरीर को अच्छा आकर देने के अलावा, नियमित व्यायाम दिल की देखभाल के लिए भी बहुत आवश्यक है:

कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को मजबूत करता है
शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है
धैर्य बढ़ता है
आपके संतुलन और लचीलेपन में सुधार करता है
ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है
दिल को स्वस्थ रखने के लिए, सप्ताह में कम से कम चार बार 20-30 मिनट का एक एरोबिक सेशन करने की सलाह दी जाती है। यदि आप रोज़मर्रा के काम नहीं करते है, तो आप कुछ योग करने से शुरुआत कर सकते हैं। योग आपके शरीर को आराम देने और तनाव के स्तर को कम करने, इसके अलावा हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बहुत लाभकारी होते हैं।

दिल के स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए कुछ शारीरिक गतिविधियाँ इस प्रकार हैं, जिन्हें आप चुन सकते हैं:

टहलना
भार उठाना
दौड लगाना इत्यादि

इनके अलावा आप बैठे-बैठे भी कुछ व्यायाम कर सकते हैं, जिससे आपको हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सके। इनमें टखने की पंपिंग, घुटने सीधे करना, कूल्हे झुकना, कंधे को छूना इत्यादि शामिल हैं।

स्वस्थ-आहार ग्रहण करें
आहार में क्या खाना है यह पता होना एक बुद्धिमान विकल्प हो सकता क्योंकि एक अच्छा आहार दिल की बीमारी के लिए शीर्ष नियंत्रणीय कारकों में से एक है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को भोजन से प्राप्त ऊर्जा से लाभ होता है।

स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित आहार अत्यन्त आवश्यक है अतः इसे कैसे लें इसके लिए कुछ उपाय यहां दिए गए हैं:

भोजन की मात्रा का ध्यान रखें: सही मात्रा में भोजन करना उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना कि सही भोजन करना। अधिक मात्रा में भोजन खाने से अधिक कैलोरी का सेवन हो सकता है जो आपके दिल के लिए हानिकारक हो सकता है अतः सही मात्रा में भोजन खाने की आदत डालें।
फलों और सब्जियों का सेवन करें: फल और सब्जियां फाइबर में समृद्ध होते हैं। इनमें ऐसे पदार्थ होते हैं जो हृदय रोग को रोकने में मदद करते हैं साथ ही ये विटामिन और खनिजों के भी अच्छे स्रोत होते हैं। एक पूर्ण आहार हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए बहुत उत्तम माना गया है।
साबुत अनाज खायें: परिष्कृत अनाज से बने उत्पादों को साबुत अनाज से बदला जा सकता है। साबुत अनाज में उच्च फाइबर होता है जो ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करने में एक अहम भूमिका निभाता है।

स्वस्थ वसा का सेवन करें: सभी वसा अस्वास्थ्यकर नहीं होते हैं। हाँ, आपने सही पढ़ा। दरअसल कम ज्ञान के कारण लोग वसा को उच्च कोलेस्ट्रॉल से जोड़ लेते हैं जिसके कारण दिल का दौरा पड़ सकता है। अतः आवश्यक है कि वसा के प्रकारों के बारे में पता हो।
स्वस्थ वसा: मेवे, बीज, वनस्पति तेल और जैतून का तेल।

अस्वस्थ वसा: ग्रेवी, क्रीम और मक्खन।

चीनी का सेवन सीमित करें: चीनी का सेवन सीधे कैलोरी के सेवन से संबंधित है। उच्च कैलोरी स्तर का मतलब है हृदय रोग के विकास का अधिक जोखिम। 75 प्रतिशत प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में चीनी मिलाया जाता है। आपको चीनी और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के अपने सेवन की निगरानी करनी चाहिए।
दिल की सेहत सुधारने के लिए आपको अपने आहार में सुपरफूड्स ’शामिल करने पर ध्यान देना चाहिए।

ऐल्कोहॉल का सेवन कम करें
यदि आप नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं, तो इसके सेवन पर नियंत्रण करने के लिए उपाय करने चाहिए और अपने शराब के सेवन को सीमित करने के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से शराब का सेवन किसी व्यक्ति पर, विशेष रूप से उसके दिल पर घातक प्रभाव डाल सकता है।

शराब की जगह जितना हो सके प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर या 8 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए।

तनाव कम करें
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करना आज के युग में किसी पहाड़ से कम नहीं है। इस सभी में एक मनुष्य अलग-अलग प्रकार के तनावों से निपटता है। ऐसे में न केवल आपके मानसिक स्वास्थ्य, बल्कि आपका हृदय स्वास्थ्य भी इस सुसंगत और अत्यधिक तनाव से प्रभावित होता है।

इसलिए यह सलाह दी जाती है कि धीरे-धीरे तनाव मुक्त होने के लिए, तनाव का प्रबंधन करें। धैर्य के साथ तनाव का प्रबंधन आसान हो सकता है। मेडिटेशन, हीलिंग म्यूजिक और ब्रीदिंग एक्सरसाइज प्राइम हीलर हैं और इसे रोज किया जा सकता है।

अपने दांतों को रोजाना ब्रश करें
दाँतों की सफाई और हृदय स्वास्थ्य एक दूसरे से सम्बन्धित होते हैं। दाँतों का स्वास्थ्य आपके संपूर्ण हृदय स्वास्थ्य को निर्धारित करने में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। जीवाणुओं के बीच एक कड़ी है जो मसूड़ों की बीमारी का कारण बनती है और हृदय रोग का खतरा बढ़ाती है। इसलिए हर रोज अपने दांतों को ब्रश करना और फ्लॉस करना आपके मुंह और दिल की देखभाल करने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

डायबिटीज पर नियंत्रण रखें
यदि आपको डायबिटीज है, तो आपके लिए अपने समग्र स्वास्थ्य की निगरानी करना अनिवार्य हो जाता है। ऐसा न केवल आपके मधुमेह की निगरानी करना है, बल्कि हृदय रोग जैसी अन्य बीमारियों से बचने के लिए भी है। एक मधुमेह रोगी में उच्च कैलोरी स्तर उसे दिल की बीमारी का खतरा बना देता है। इसलिए मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए नियमित जांच की जानी चाहिए।

रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की निगरानी करना
हृदय स्वास्थ्य के संबंध में उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल दोनों हानिकारक होते हैं। रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की जांच को ट्रैक करना और निगरानी करना महत्वपूर्ण होता है। उच्च रक्तचाप और उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर से दिल का दौरा पड़ सकता है।

अपने वजन को नियन्त्रित रखें
अधिक वजन होना हृदय रोग के लिए एक जोखिम कारक माना जाता है। इसलिए, आपके लिए रोज़ कसरत करना और संतुलित आहार खाना बेहद ज़रूरी हो जाता है। मोटापे के कारण हृदय की समस्याएं अधिक होती हैं और इनसे बचने के लिए इलाज किया जाना चाहिए।

ब्रीथ डीपली, म्यूजिक सुनें, अधिक पढ़ें और जीवन को जीएं
रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में छोटी-छोटी चीजों का आनंद लेने से आपको स्वस्थ अंगों के साथ एक स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलेगी। दिल के स्वास्थ्य में सुधार के लिए, आपको अधिक बार मुस्कुराना चाहिए, आराम से संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और ऑक्सीजन की अच्छी मात्रा में गहरी साँस लेनी चाहिए। चूंकि यह सभी तनाव और दबाव को कम करने में मदद करता है, इसलिए यह दिल की बीमारी को दूर रखेगा।

उपरोक्त सभी चरणों को एक बार में अभ्यास में लाना मुश्किल हो सकता है। अतः हम आपको इन्हें धीरे-धीरे शुरू करने और अपनी जीवन शैली को मध्यम रूप से बदलने की सलाह देते हैं। सिगरेट को छोड़ने से शुरू करें, एक गिलास शराब कम करें, फलों और सब्जियों को अधिक से अधिक खायें इत्यादि। एक बार जब आप इन परिवर्तनों के अनुकूल हो जाते हैं, तो प्रेरणा और समर्पण के साथ, आप अपनी दिनचर्या में बड़े बदलाव करने की ओर बढ़ेंगे।

 

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